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मंथन

कार में मनपसंद संगीत के लिए ऐप

ऑनलाइन बाजार में ऐप्स की भरमार है. गूगल प्ले हो या एप्पल स्टोर, आपकी जिंदगी को आसान बनाने के लिए हजारों ऐप मौजूद हैं. म्यूजिक स्ट्रीमिंग ऐप ऑपेयो कार में आपका मनपसंद संगीत चला सकता है.

स्मार्टफोन को कार में लगा कर आप इस ऐप का इस्तेमाल कर सकते हैं. यह ऐप आपके पसंदीदा संगीत का पता कर उसे चलाता है. इस तरह से यह रेडियो का विकल्प बन सकता है. ऑपेयो का वादा है कि यूजर को पसंद ना आने वाला संगीत फिर कभी नहीं सुनना पड़ेगा. कीमत है महीने में करीब पांच यूरो यानी करीब 400 रुपये या फिर मुफ्त, लेकिन विज्ञापन के साथ. हालांकि फिलहाल मर्सिडीज बेंज और बीएमडबल्यू में ही इसे इस्तेमाल किया जा सकता है.

ऐप में 150 अलग अलग म्यूजिक प्रोग्राम हैं. वर्ल्ड म्यूजिक का भी एक सेक्शन है, जिसमें भारतीय संगीत भी है. बर्लिन के ऑनलाइन पत्रकार आलेक्स होफमन ने इसे टेस्ट किया है. वह बताते हैं, "स्मार्टफोन और कार में इसका इस्तेमाल काफी एक जैसा है. मुझे ऐसा लगता है कि कार के सिस्टम में यह ज्यादा अच्छा चलता है. आसानी से अलग अलग सेक्शन देखे जा सकते हैं. स्मार्टफोन की तरह सबसेक्शन में बार बार जाने की जरूरत नही पड़ती."

म्यूजिक स्ट्रीमिंग और इंटरनेट

अगर कोई गाना आपको बहुत पसंद आए तो आप एक बटन दबा कर ऐप को बता सकते हैं. इससे धीरे धीरे आपके पसंदीदा गानों का प्रोफाइल तैयार होता जाएगा. प्रोफाइल ऑपेयो बनाने वाली कंपनी के पास सेव होता है. कंपनी को इस बात का गर्व है कि उनका सॉफ्टवेयर स्मार्टफोन से कार के म्यूजिक सिस्टम तक पहुंच गया है. ऑपेयो के मैनेजिंग डाइरेक्टर होल्गर वाइस बताते हैं, "2008 में हमने कंपनी शुरू करते समय गाड़ियों को अपने प्लेटफॉर्म के तौर पर सोचा था, क्योंकि हमें यह बात समझ आ गई थी कि म्यूजिक स्ट्रीमिंग और इंटरनेट जल्द ही कारों में भी पहुंच जाएंगे. हमने सोचा कि शायद 2014-15 तक ऐसा हो पाएगा. कार उद्योग का प्रोडक्शन साइकल पारंपरिक रूप से लंबा होता है."

Smartphone Apps - AUPEO!

42 देशों के पंद्रह लाख लोगों के पास फिलहाल ऑपेयो है.

ऑपेयो के सर्वर पर आठ लाख गाने हैं. अक्सर ये सीडी की कॉपी होते हैं. म्यूजिक एडिटरों को इसका कैटेलॉग खुद बनाना पड़ता है, क्योंकि कंप्यूटर फिलहाल रॉक क्लासिकल इत्यादि जैसी कैटेगरी नहीं समझ पाता. ऑपेयो हर गाने को अलग अलग आकार में सेव करता है, क्योंकि यूजर की इंटरनेट स्पीड अलग अलग होती है, और ये सब सीडी पर ही अच्छे से हो सकता है.

पैनासोनिक ने खरीदा ऑपेयो

ऑपेयो के बर्लिन के ऑफिस में 12 देशों के लोग काम करते हैं. हाल ही में जापान की कंपनी पैनासोनिक ने ऑपेयो को खरीद लिया है. कंपनी अब कारों के लिए सप्लायर बनना चाहती है. होल्गर वाइस बताते हैं, "यहां मजबूत कंधों की जरूरत है क्योंकि प्रोडक्शन साइकल लंबी होती है और कंपनियां जानना चाहती हैं कि सप्लाइर अगले पांच, छह, सात साल रहेंगे भी या नहीं."

42 देशों के पंद्रह लाख लोगों के पास फिलहाल ऑपेयो है. लेकिन आलेक्स होफमन मानते हैं कि कार चलाने के दौरान इस ऐप के इस्तेमाल से ध्यान भटकता है, "कार चलाते समय इसमें ध्यान तो भटकता है, लेकिन इतना नहीं कि ऐक्सीडेंट का खतरा हो. यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप अलग अलग मेन्यू में कितना जा रहे हैं."

यह ऐप की मौजूदा समस्या है. हो सकता है कि जब अपने आप चलने वाली कारें आ जाएंगी, तो ये समस्या भी खत्म हो जाए.

रिपोर्टः एफ द्रेशर/आभा मोंढे

संपादनः ईशा भाटिया

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