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दुनिया

काम के दौरान 2010 में 57 पत्रकारों की मौत

दुनिया भर में काम के दौरान मारे जाने वाले पत्रकारों की संख्या में कमी आई है लेकिन फिर भी 2010 में 57 पत्रकार काम के दौरान मारे गए. यह कहना है कि पत्रकारों की संस्था रिपोर्टर विदाउट बोर्डर्स का.

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गुरुवार को जारी रिपोर्टर विदाउट बोर्डर्स की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार 2009 में 76 पत्रकार मारे गए थे. मारे गए पत्रकारों की संख्या में भले ही कमी आई हो लेकिन बंधक बनाए गए पत्रकारों की संख्या बढ़ी है.

2010 में 51 पत्रकारों को बंधक बनाया गया जो पिछले दो सालों की संख्या से कहीं ज्यादा है. 2009 में 33 पत्रकारों को बंधक बनाया गया था. रिपोर्टर विदाउट बोर्डर्स के अनुसार खासकर अफगानिस्तान और नाइजीरिया पत्रकारों के लिए काफी जोखिम भरे देश हैं.

पत्रकार संस्था की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार युद्ध क्षेत्र में मारे जाने वाले पत्रकारों की संख्या में गिरावट आई है. रिपोर्ट का कहना है कि जब आपराधिक गुटों, हथियारबंद गिरोहों, धार्मिक संगठनों और सरकारी पक्षों द्वारा हत्या होती है तो पत्रकारों की हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों का पता करना मुश्किल हो जाता है.

रिपोर्टर विदाउट बोर्डर्स के महासचिव जाँ-फ्रांसोआ जूलियार्ड ने इस बात पर चिंता व्यक्त की है कि पत्रकारों की निष्पक्षता और उनके काम का अब आदर नहीं किया जाता. जूलियार्ड के अनुसार अपहरण की बढ़ती घटनाएं यही दिखाती है.

रिपोर्ट: एजेंसियां/महेश झा

संपादन: ए कुमार

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