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जर्मन चुनाव

काम कर रही है ओबामा की रणनीतिः क्लिंटन

अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कहा है कि राष्ट्रपति बराक ओबामा की अफगान रणनीति काम कर रही है और अंतरराष्ट्रीय सेनाओं को जमीनी स्तर पर कामयाबी मिल रही है. नाटो सेनाएं 2014 तक अफगानिस्तान छोड़ना चाहती हैं.

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हिलेरी क्लिंटन

क्लिंटन ने फॉक्स न्यूज के साथ इंटरव्यू में कहा, "हम समझते हैं कि यह काम कर रही है. न सिर्फ अमेरिकी सरकार ऐसा सोचती है बल्कि नाटो और आईसैफ के सदस्यों की भी ऐसी ही राय है, तभी तो वे इसका समर्थन कर रहे हैं. जमीनी स्तर पर हमें कामयाबी मिल रही है." लिस्बन में शनिवार को समाप्त हुए नाटो के शिखर सम्मेलन में इस बात पर सहमति बनी कि विदेशी सैनिकों को अगले साल से अफगानिस्तान से हटाने का काम शुरू हो जाएगा और 2014 तक देश की पूरी सुरक्षा जिम्मेदारी अफगान सुरक्षा बलों को सौंप दी जाएगी.

अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा, "जिस बैठक से मैं अभी अभी लौटी हूं, उसमें राष्ट्रपति ओबामा और अफगान राष्ट्रपति हामिद करजई भी मौजूद थे. इसमें एक बात बड़ी साफ थी. वह यह कि जो रणनीति काम कर रही है उसे जारी रखा जाए. लेकिन उसे इस हद तक जाकर जारी नहीं रखा जा सकता कि लोग ही इस रणनीति के खिलाफ हो जाएं."

अमेरिका और नाटो विरोधी समझे जाने वाले करजई के हालिया बयानों के बारे में पूछे जाने पर क्लिंटन ने कहा कि अफगान राष्ट्रपति उन उचित चिंताओं को जाहिर कर रहे हैं जो उनके अपने लोगों से उन तक पहुंची हैं. वह कहती हैं, "अगर आप रात में छापा मारते हैं और किसी तालिबान नेता को पकड़ लेते हैं, तो ठीक है. लेकिन अगर इस तरह की कार्रवाई में ऐसे चार पांच लोगों को नुकसान हुआ जिनका तालिबान से कोई लेना देना ही नहीं है, तो इससे परेशानियों तो होती हैं. इस बात को हर कोई समझता है."

लिस्बन में हुए नाटो शिखर सम्मेलन के बारे में क्लिंटन ने कहा कि उस रणनीति का पूरी तरह समर्थन किया गया है जिस पर नाटो और आईसैफ अमल कर रहे हैं. उन्होंने कहा, "इस बात को लेकर चर्चा हुई और सब सहमत भी है कि अफगान लोगों को ट्रेनिंग और समर्थन बराबर जारी रहेगा. लेकिन नाटो और आईसैफ के साझीदारों ने यह भी साफ किया है कि 2014 में सुरक्षा की जिम्मेदारी अफगानों को सौंप दी जाएगी."

रिपोर्टः एजेंसियां/ए कुमार

संपादनः एमजी

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