1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

दुनिया

कहीं बांटता तो कहीं मिलाता भोजन

भारत में बीफ बैन से शुरु हुए विवाद पर कई लोगों का कहना है कि सरकार को नागरिकों के खाने की थाली से दूर ही रहना चाहिए. वहीं भारत समेत पाकिस्तान और इस्राएल तक में हो रही हैं खाने की मेज पर दिलों को मिलाने की अनोखी कोशिशें.

पाकिस्तान के कराची से एक परिवार जब मुंबई पहुंचा तो वहां के कई होटलों ने उन्हें कमरा देने से इंकार कर दिया. समस्या उनके पाकिस्तानी होने में नहीं, बल्कि उनके पास भारत सरकार से मिलने वाले फॉर्म सी के ना होने की थी. यह फॉर्म विदेशी नागरिकों को भारत में आवासिय सुविधा लेने के लिए दिखाना होता है. इस खबर से नाराजगी फैलना तो लाजमी था लेकिन एक व्यक्ति ने इसका जवाब गांधीवादी अंदाज में देने की सोची.

पाकिस्तान के कई शहरों में अमेरिकी फूड चेन डंकिन डोनट्स की दो दर्जन से भी ज्यादा दुकानें चलाने वाले इकबाल लतीफ ने इस खबर के कुछ ही घंटों में अपनी दुकान के बाहर बैनर लगवा दिए कि कम समय के वीसा पर पाकिस्तान आए सभी भारतीय पर्यटकों को वहां मुफ्त भोजन मिलेगा. साथ ही बैनर पर दोनों देशों के झंडों का प्रतीक भी लगाया.

कई भारतीय शहरों में इंडो-पाक व्यापार और खाद्य मेले भी लगते हैं. हाल ही में उत्तर भारतीय शहर लखनऊ में ‘अमन के सात रंग' नाम से ऐसे ही एक मेले का आयोजन हुआ. यहां लगे कई पाकिस्तानी और हिंदुस्तानी स्टॉलों में लोगों ने दोनों ही देशों के समृद्ध खानपान की संस्कृति का आनंद लिया.

ऐसे मौके बिरले ही आते हैं जब दोनों देशों के लोग एक ही समय पर एक साथ खाना खा सकें. वर्चुअल डिनर प्रोजेक्ट कहलाने वाला एक अभियान कुछ ऐसा ही करने की कोशिश कर रहा है. आइडिया है कि स्काइप वीडियो कॉल के जरिए दोनों ओर के लोगों साथ बैठ कर खाना खाएं और खाने की मेज पर आपसी रिश्तों और समझ को बढ़ाएं.

कुछ ऐसी ही कोशिशें इस्राएल और फलीस्तीन के बीच चले आ रहे द्वेष को मिटाने और थोड़ी शांति बहाल करने के लिए भी हो रही हैं. इस्राएल के एक तटीय शहर नेतान्या में एक हुमुस बार अपनी ओर से उन अरब और यहूदी लोगों को आधी कीमत में खाना खिला रहा है जो साथ एक मेज पर बैठकर खाएं.

हिब्रू भाषा में लिखे अपने फेसबुक पोस्ट में हुमुस बार लिखता है कि "क्या आप अरबियों से डरते हैं? या फिर यहूदियों से डरते हैं?" आगे लिखा है, "हमारे यहां कोई अरबी नहीं है, कोई यहूदी भी नहीं है... केवल इंसान हैं!" खाने के बारे में लिखा है, "असली लाजवाब अरबी हुमुस है! और शानदार यहूदी फलाफल है! और सबके लिए हुमुस की मुफ्त रिफिल है चाहे आप अरब हों, यहूदी, ईसाई, भारतीय इत्यादि..."

DW.COM

संबंधित सामग्री