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मनोरंजन

कहीं कोई पछतावा तो नहीं?

जिंदगी के हर पल को हम सोच समझ कर नहीं जीते लेकिन जब जिंदगी के आखिरी पल आते हैं, तब एक फिल्म की तरह वह हमारी आंखों के सामने चलने लगती है और हम सोचते हैं कि काश..

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