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मनोरंजन

कसाब पर बनी फिल्म में उसे दी गई फांसी

मुंबई हमलों के दोषी अजमल कसाब को सज़ा भले ही 6 मई को सुनाई जानी हो, उस पर बन रही फिल्म में कसाब के क़िरदार को फांसी दे दी गई है. वैसे तो मुंबई हमले पर कई डॉक्यूमेंटरी बनी हैं लेकिन अब फुल लेंथ फिल्म बनी है.

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अशोक चक्र नाम की इस बॉलीवुड फिल्म में मुंबई हमलों का चित्रण किया गया है. कसाब की भूमिका में एक नए अभिनेता राजन वर्मा हैं जो काफी कुछ कसाब जैसे दिखाई देते हैं. फिल्म के शुरुआती प्रोमो में राजन का पूर्ण नग्न दृश्य है जिसमें उन्हें मुंबई पर हमला करने का अपना जुर्म कबूल करते दिखाया गया है. इसके बाद फिल्म में कसाब को फांसी की सज़ा सुनाई जाती है.

अशोक चक्र नाम की ये फिल्म 9 मई को रिलीज़ की जाएगी. कसाब की भूमिका निभाने वाले राजन वर्मा ने बताया, "मुंबई में सुनवाई होने के कई महीने पहले हमने तय कर लिया था कि फिल्म में कसाब को फांसी दी जाएगी हमारे हिसाब से यही न्यायपूर्ण है." यह फिल्म एसपी मुनिश्वर के निर्देशन में बनी है और इसके निर्माता हरि ओम शर्मा हैं.

Indien Bewaffnete Männer in Bombay

मुंबई हमलों पर पहली फिल्म अशोक चक्र

जाने माने अभिनेता सुदेश बेरी का कहना है कि "इस फिल्म की ख़ासियत कसाब की भूमिका करने वाले अभिनेता हैं क्योंकि वे बिलकुल कसाब की तरह दिखाई देते हैं. मैं विजय सालस्कर की भूमिका कर रहा हूं. मेरी छवि एक पुलिस की है इसलिए मुझे इस भूमिका के लिए पूछा गया. मेरे एक दोस्त सालस्कर के करीबी थे और उन्होंने भी मुझे इस व्यक्ति के बारे में काफी जानकारी दी."

ढाई करोड़ में बनी फिल्म मुंबई हमलों की मीडिया रिपोर्टों और हमलों में ज़िंदा बचे पुलिसकर्मियों,लोगों से बातचीत पर आधारित है. फिल्म के अन्य कलाकार होमी वाडिया हैं जो हेमंत करकरे की भूमिका हैं. अशोक कुलकर्णी अशोक कामटे और आशीष विद्यार्थी तुकाराम ओम्बाले की भूमिका निभा रहे हैं.

मुंबई हमलों पर कई लोगों ने फिल्म के टाइटल रजिस्टर करवाए थे लेकिन कुछ ही प्रोजेक्ट्स उनमें से बन पाए. कुछ नाम जो लोगों के पंजीकृत किए थे वे हैं-ऑपरेशन 5स्टार मुंबई, बर्ड्स प्वाइन्ट ऑफ व्यू-ताज टेरर, 26/11 मुंबई अंडर टेरर, दहशत का हल्ला, शूट आउट एट ओबेरॉय.

भोजपुरी फिल्मों के स्टार कमाल रशीद खान की अगली फिल्म देशद्रोही-2 भी मुंबई हमलों में मारे गए आतंक निरोधी स्क्वाड के पुलिसकर्मियों पर आधारित है. रशीद ने बताया, "मेरी फिल्म में देरी केस में नए मोड़ के कारण हुई. अब कसाब का दोषी करार दिया जाना और उसे मौत की सज़ा मिलना लगभग पक्का है. अब हम जल्द ही फिल्म की शूटिंग शुरू करेंगे और अगली फरवरी में फिल्म रिलीज़ होगी."

मुख्य धारा के फिल्म निर्माता इस कहानी से दूर ही हैं. अब तक असली ज़िन्दगी में हुए हमलों पर बनी फिल्मों में अनुराग कश्यप की ब्लैक फ्राइडे है जो 1993 में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों पर बनी है. अपूर्व लखिया की शूट आउट एट लोखंडवाला है जो 1991 के अंड़रवर्ल्ड एनकाउंटर पर आधारित है और निशांत कमल की मुंबई मेरी जान है जो कि मुंबई में 7 जुलाई 2006 के ट्रेन बम धमाकों की कहानी कहती है.

रिपोर्टः पीटीआई आभा मोंढे

संपादनः एस गौड़