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दुनिया

कसाब का बयान लेने वाले अधिकारी पाक नहीं जाएंगे

भारत ने कहा है कि मुंबई हमले के दौरान पकड़े गए आतंकवादी अजमल कसाब का बयान लेने वाले मैजिस्ट्रेट को पाकिस्तान नहीं भेजा जाएगा. पाक अदालत के सामने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए मैजिस्ट्रेट और जांच अधिकारी दे सकते हैं बयान.

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विदेश मंत्रालय से जुड़े सूत्रों ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय को इस बारे में जल्द ही जानकारी दे दी जाएगी. पाकिस्तान ने भारत से आग्रह किया है कि आतंकवाद विरोधी अदालत के सामने पेशी के लिए मुंबई के एडिशनल चीफ मैट्रोपॉलिटन मैजिस्ट्रेट आरवी सावंत वाघुले को पाकिस्तान भेजा जाना चाहिए. सावंत ने ही अजमल कसाब का बयान लिया था. पाकिस्तान ने जांच अधिकारी रमेश महाले को भी पेशी के लिए भेजे जाने की मांग की है.

लेकिन भारतीय सूत्रों का कहना है कि वाघुले को पाकिस्तान नहीं भेजा जाएगा. अगर बॉम्बे हाई कोर्ट अनुमति देती है तो वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए वह पाकिस्तानी अदालत में पेश हो सकते हैं. लेकिन इस दौरान उनसे सवाल जवाब की इजाजत नहीं होगी.

बॉम्बे हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है जिसमें वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए मैजिस्ट्रेट को पाक अदालत में पेशी की अनुमति मांगी गई है. सरकार ने रमेश महाले को भी इसी तरीके से अदालत में पेश होने के लिए अनुमति दी है.

अगर पाकिस्तान वीडियो कांफ्रेंसिंग से दोनों अधिकारियों की पेशी के लिए तैयार हो जाता है तो उसे इस प्रक्रिया के लिए जरूरी इंतजाम करने होंगे. पाकिस्तान का कहना है कि लश्कर ए तैयबा के सात सदस्यों पर आरोप कसाब के बयान के आधार पर लगाए गए हैं.

इसलिए मैजिस्ट्रेट और जांच अधिकारी की पाक अदालत में पेशी जरूरी है क्योंकि उन्होंने ही कसाब का बयान लिया था. भारत ने पाकिस्तान को कसाब के बयान की प्रति उपलब्ध करा दी है. इस बयान को हिंदी और मराठी में रिकॉर्ड किया गया और पाकिस्तान के पास इसकी अंग्रेजी कॉपी भी है.

रिपोर्ट: एजेंसियां/एस गौड़

संपादन: आभा एम