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दुनिया

कश्मीर में हुई भारतीय सेना के अधिकारी की हत्या

दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले में भारतीय सेना के एक अधिकारी का शव बरामद हुआ. युवा लेफ्टिनेंट छुट्टी पर था. एक हफ्ते पहले ही इस इलाके में सेना ने उग्रवादियों के खिलाफ बड़ा अभियान अभियान छेड़ा था.

जम्मू कश्मीर पुलिस ने भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट रैंक के एक अधिकारी का शव बरामद होने की सूचना दी है. पुलिस ने यह जानकारी देते हुए बताया कि शोपियां जिले के हरमाइन क्षेत्र से बरामद हुए उनके शरीर पर कई गोलियों से दागे जाने के निशान मिले हैं.

अधिकारी की पहचान लेफ्टिनेंट उमर फयाज के रूप में हुई है. सेना ने अपने बयान में कहा है कि "कुछ अज्ञात आतंकियों ने मंगलवार शाम को सेना के एक युवा, निहत्थे अधिकारी को अगवा कर उसकी हत्या कर दी". उन्होंने बताया कि बुधवार सुबह 22 साल के सैन्य अधिकारी फयाज का शव बरामद हुआ. फयाज हाल ही में सेना में भर्ती हुए थे.

पुलिस ने यह भी बताया है कि सेना का यह अधिकारी मूल रूप से पास के ही कुलगाम जिले का निवासी था. लेफ्टिनेंट एक संबंधी के शादी समारोह में हिस्सा लेने शोपियां के हरमाइन इलाके में गया हुआ था. समाचार एजेंसी पीटीआई ने सेना के एक अधिकारी के हवाले से लिखा है कि उन्हें हत्या से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारी मिली है और जिन परिस्थितियों में शव मिला फिलहाल वे उसकी पुष्टि कर रहे हैं. 

कश्मीर में पिछले काफी समय से हिंसा का माहौल बना हुआ है. सेना और विद्रोहियों के बीच लगातार झड़पों की खबरें आ रही हैं. कश्मीर में भारतीय शासन का विरोध करने वाले अलगाववादी गुट लगातार वहां भारतीय सेना को निशाना बना रहे हैं. हाल ही में अन्य सरकारी अधिकारियों और बैंक कर्मचारियों पर भी हमले हुए हैं.

1947 में ब्रिटिश हुकूमत से आजादी मिलने के बाद से ही कश्मीर, भारत और पाकिस्तान में बंटा हुआ है. दोनों देश पूरे कश्मीर पर अपना शासन चाहते हैं और इसके लिए दोनों परमाणुशक्ति संपन्न देशों के बीच युद्ध भी लड़े जा चुके हैं. फिलहाल भारतीय कश्मीर में लगभग 500,000 भारतीय सैनिक तैनात हैं, जिसके कारण यह पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा सैन्य मौजूदगी वाला इलाका है. कई स्थानीय लोगों को हर वक्त हर जगह सेना की मौजूदगी बहुत खलती है और इसके कारण वे अपने आम जनजीवन के प्रभावित होने की बात करते हैं.

जुलाई 2016 से कश्मीर में हिंसा और झड़पों में काफी तेजी आयी है. तब एक लोकप्रिय विद्रोही नेता सेना के हाथों मारा गया था. उसकी मौत के बाद से  घाटी में कई महीने तक विरोध प्रदर्शन हुए और इसमें कम से कम 100 लोगों की जान गयी. इसी मई में भारतीय सेना ने दक्षिणी कश्मीर में उग्रवादियों को मार गिराने के लिए एक बड़ा खोज अभियान छेड़ा था. अभियान के तुरंत बाद ही लेफ्टिनेंट फयाज की हत्या की खबर आयी है.

आरपी/ओएसजे (पीटीआई, एएफपी)

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