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दुनिया

कश्मीर में मानव शील्ड बनाने पर भारतीय सेना की जांच

भारतीय कश्मीर में पुलिस ने सेना द्वारा एक आदमी को कथित रूप से "मानव शील्ड" बना कर जीप पर बांधने के मामले की जांच शुरु कर दी है. बताया जाता है कि सेना का मकसद उन पर पत्थर फेंकने वाले प्रदर्शनकारियों से बचना था.

भारतीय सेना की जीप के आगे बंधे एक आदमी का वीडियो वीकेंड के दौरान वायरल हो चुका है. हिंसाग्रस्त भारतीय कश्मीर के इस वीडियो की व्यापक स्तर पर आचोलना हुई है और ऐसे कदम उठाये जाने के लिए सेना की भी निंदा हुई. इसे संज्ञान में लेते हुए राज्य पुलिस ने सेना के खिलाफ एक आधिकारिक शिकायत दर्ज की है और मामले की जांच शुरु कर दी है. पुलिस को राज्य की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से निर्देश मिले थे.

सेना के खिलाफ दर्ज आरोपों में एक इंसान को अगवा करना, उसकी जान को जोखिम में डालना शामिल है. सेना ने भी इस घटना की एक आंतरिक जांच शुरु कर दी है.

9 अप्रैल को बडगाम के इस वीडियो में एक व्यक्ति को जीप के आगे बांधा गया दिखाया गया है. उस दिन हो रहे उपचुनाव में चुनाव अधिकारियों पर पत्थर फेंके गये, रक्षा बल के सूत्र इसे आत्मरक्षा के लिए उठाया गया एक कदम बता रहे हैं. उनका कहना है कि मानव शील्ड बनाने के कारण चुनाव की जगह से चुनाव अधिकारियों और सरकारी कर्मचारियों को निकलने में मदद मिली. जीप पर बांधे गए व्यक्ति की पहचान फारुख अहमद दार के रूप में हुई है और उसका कहना है कि वोट डालने के बाद लौटते समय उसे रास्ते से उठा लिया गया.

एक अलग केस दर्ज करते हुए पुलिस ने सीमा सुरक्षा बलों पर हत्या का मामला बनाया है. वीकेंड पर हुए विरोध प्रदर्शनों में एक युवा की जान चली गयी गयी थी, जिसके लिए पुलिस ने सुरक्षा बलों को जिम्मेदार मानते हुए हत्या का आरोप जड़ा है.

मुस्लिम-बहुल भारतीय कश्मीर में हिंसक अलगाववादी आंदोलन 1980 के दशक से ही जारी हैं. माना जाता है कि यहां एक बड़ी भारत-विरोधी लहर है, जिसे दबाने के लिए भारत ने वहां सेना की भारी तैनाती कर रखी है. 9 अप्रैल को हुए चुनाव के दौरान पुलिस और अर्धसैनिक बलों के साथ मुठभेड़ में आठ लोग मारे गए थे. इस वीकेंड के दौरान भी चार लोग मारे गए.

आरपी/एमजे (डीपीए)  

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