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जर्मन चुनाव

कश्मीर में कर्फ्यू का दायरा बढ़ा

सुरक्षा बलों ने कश्मीर में अलगाववादियों की तरफ से ताजा विरोध प्रदर्शनों की धमकी के मद्देनजर कर्फ्यू का दायरा बढ़ा दिया है. कश्मीर घाटी में हाल के दिनों में सुरक्षा बलों की फायरिंग में कई लोग मारे गए हैं.

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एक पुलिस अधिकारी ने बताया, "जुमे के रोज हिंसा न हो, इसलिए हमने कर्फ्यू का दायरा बढ़ा दिया है." उत्तर में कुपवाड़ा और हंदवाड़ा, दक्षिण में काकपोरा और पुलवामा और पूर्व में गंदरबल जैसे इलाकों में नया कर्फ्यू लगाया है. हालिया हिंसा का केंद्र रहे सोपोर, श्रीनगर और अनंतनाग में भी सुरक्षा बल चौकस हैं.

मुस्लिम बहुल कश्मीर घाटी में विरोध प्रदर्शनों को नियंत्रण करने में जुटे पुलिस और सुरक्षा बलों पर एक महीने से भी कम समय में 15 लोगों की हत्या का आरोप है. हर एक मौत के बाद कश्मीर में जबरदस्त विरोध हुआ. इनमें पहली मौत 11 जून को उस वक्त हुई जब शुक्रवार के दिन प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने आंसूगैस का इस्तेमाल किया गया.

कट्टरपंथी अलगाववादियों ने स्थानीय लोगों से कहा है कि वे शुक्रवार को श्रीनगर की हजरत बल दरगाह तक मार्च करके जाएं. मंगलवार को भी श्रीनगर में दो पुरुषों और एक महिला की मौत हो गई. कट्टरपंथियों के एक बयान के मुताबिक, "जब भी इन इलाकों में कर्फ्यू में ढील दी जाएगी, तो लोगों से सड़कों पर आकर विरोध जताने को कहा जाएगा."

बुधवार को श्रीनगर में उस वक्त सेना को तलब करना पडा जब लोगों ने कर्फ्यू की पाबंदियों का उल्लंघन किया. हालांकि सेना के आने के बाद शांति कायम हो गई. उधर स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया पर कड़ी पाबंदी के चलते लगातार दूसरे दिन कोई स्थानीय अख़बार स्टॉल्स तक नहीं पहुंचा. दो स्थानीय अखबारों की वेबसाइट के मुताबिक, "सरकार की तरफ से मीडिया पर लगाई गई पाबंदियों की वजह से ग्रेटर कश्मीर और कश्मीर उम्ज़ा लगातार दूसरे दिन अख़बार प्रकाशित नहीं कर सके हैं."

रिपोर्टः एजेंसियां/ए कुमार

संपादनः उज्ज्वल भट्टाचार्य

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