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दुनिया

कश्मीरी छात्रों पर देशद्रोह का मुकदमा

भारत के मेरठ शहर के एक निजी विश्वविद्यालय के अज्ञात कश्मीरी छात्रों पर देशद्रोह का मामला दर्ज किया गया है. आरोप है कि इन छात्रों ने भारत और पाकिस्तान के बीच हुए क्रिकेट मैच के दौरान पाकिस्तान के पक्ष में नारे लगाए थे.

मेरठ प्रशासन ने घटना की मजिस्ट्रेट जांच का आदेश दिया है. जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह ने छात्रों पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की आलोचना करते हुए कहा, यह "अस्वीकार्य और कठोर सजा है जो उनके भविष्य को खत्म कर देगा और उन्हें अलग थलग कर देगा." अब्दुल्लाह ने कहा कि वे इस मामले पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से बात करेंगे और कोशिश करेंगे कि छात्रों पर दर्ज केस वापस लिया जाए.

अब्दुल्लाह के मुताबिक, "इन छात्रों ने जो किया वह गलत था, लेकिन इसके लिए उनके खिलाफ देशद्रोह का केस दायर नहीं किया जाना चाहिए था." केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भी यूपी सरकार से जवाब मांगा है कि आखिर देशद्रोह की धारा क्यों लगाई गई.

Omar Abdullah

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह ने देशद्रोह के आरोप पर आपत्ति जाहिर की

न्यायिक जांच के आदेश

स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय के करीब 60 कश्मीरी छात्रों को एशिया कप में भारत और पाकिस्तान बीच खेले गए क्रिकेट मैच में कथित तौर पर पाकिस्तान का समर्थन करने के आरोप में हॉस्टल से तीन दिन के लिए निलंबित कर दिया गया था.

मेरठ के एसएसपी ओमकार सिंह ने कहा है कि विश्वविद्यालय के चांसलर पीके गर्ग की तरफ से की गई शिकायत के बाद 124-ए (देशद्रोह), 153-ए (विभिन्न समूहों के बीच वैमनस्य फैलाने) और 427 (शरारत) के तहत अज्ञात छात्रों पर मामला दर्ज किया गया है. सिंह के मुताबिक विश्वविद्यालय ने अज्ञात छात्रों के खिलाफ राष्ट्र विरोधी गतिविधियों और कैंपस में हंगामा करने की लिखित शिकायत की थी. मेरठ के अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट सतीश कुमार दुबे के मुताबिक जिलाधिकारी पंकज यादव ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं. जांच का जिम्मा अपर सिटी मजिस्ट्रेट को दिया गया है.

विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस घटना की जांच के लिए अनुशासनात्मक समिति का गठन किया है. प्रारंभिक जांच के बाद विश्वविद्यालय ने 60 छात्रों को तीन दिन के लिए निलंबित कर उन्हें हॉस्टल खाली करने को कहा है. विश्वविद्यालय में भारत प्रशासित कश्मीर के 200 छात्र पढ़ते हैं.

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने देशद्रोह के केस को "बहुत दुर्भाग्यपूर्ण" बताया है. इस्लामाबाद में पत्रकारों से बात करते हुए तसनीम असलम ने कहा, "अगर कश्मीरी छात्र यहां आना और पढ़ाई करना चाहते हैं तो हमारे दिल और शैक्षणिक संस्थान खुले हैं."

एए/ओएसजे (पीटीआई, एएफपी)

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