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दुनिया

कला की महंगी और रहस्यमयी दुनिया

पिछले साल नवंबर में जर्मनी के म्यूनिख शहर में रहने वाला एक शख्स अपने विशाल निजी कला संग्रह के कारण सुर्खियों में आया. अब जांच से ये आशंका जगी है कि शायद जल्द ही कला की दुनिया के सबसे बड़े घोटाले का पर्दाफाश हो.

6 मई को हुई कॉर्नेलियुस गुर्लिट नाम के इस शख्स की मौत के बाद भी कला के उनके विवादित खजाने पर बहस नहीं थमी है. गुर्लिट ने जीते जी कई ऐसी पेंटिंग्स और दूसरे कला के नमूने अपने पास सहेज कर रखे जिनके बारे में सालों किसी को कानों कान खबर नहीं हुई. नवंबर 2013 में इसकी सूचना बाहर आने के बाद से उनके कला संग्रह के बारे में तमाम अटकलें लगाई जा रही हैं. कुछ लोग मानते हैं कि यह आने वाले समय में दुनिया का सबसे विख्यात कला संग्रह होगा. गुर्लिट के पास बेकमन), डीक्स, शागाल, कुर्बे और आधुनिक कला के न जाने कितने ही प्रमुख कलाकारों की पेंटिग्स थीं.

गुर्लिट ने कभी अपने संग्रह के बारे में प्रचार नहीं किया. पिछले साल इस बारे में पता चलने पर टैक्स अधिकारियों ने संग्रह को जब्त कर लिया. आशंका जताई जा रही है कि उनमें से कई तस्वीरों को या तो नाजियों ने लूटा था या फिर किसी और गलत तरीके से हासिल किया गया था. गुर्लिट के पिता हिल्डेब्रांड गुर्लिट ने इस संग्रह की नींव रखी थी. वह नाजी काल में एक बहुत प्रभावशाली आर्ट डीलर हुआ करते थे.

अप्रैल में गुर्लिट ने अपने संग्रह के सिलसिले में प्रशासन के साथ एक समझौता किया. यह तय हुआ कि जिन पेंटिग्स को चुराया या जबर्दस्ती सो हासिल किया हुआ माना जा रहा था, उसके बारे में विशेषज्ञ एक साल के अंदर पता लगाएंगे. गलत साबित होने पर उन्हें उसके सही मालिक तक पहुंचाया जाएगा और बदले में बाकी तस्वीरों की मिल्कियत गुर्लिट को सौंप दी जाएगी. इस मामले की जांच के लिए बनाए गए टास्क फोर्स के प्रवक्ता माथियास हेंकेल ने डीडब्ल्यू से बातचीत में बताया, "हमें लगता है कि गुर्लिट के साथ अपने समझौते का मान रखना ही सही होगा." जांच के आगे बढ़ने के साथ ही भानुमती के कुनबे की तरह गुर्लिट के संग्रह के राज भी खुलेंगे.

रिपोर्ट जेफरसन चेज/आरआर

संपादनः मानसी गोपालकृष्णन

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