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जर्मन चुनाव

कलमाड़ी कंपनी के तीन अधिकारी निलंबित

भ्रष्टाचार के मामले में कॉमनवेल्थ खेल आयोजन समिति के तीन वरिष्ठ अधिकारी निलंबित. तीनों पर लंदन में एक कंपनी को करोड़ों का फायदा पहुंचाने और बड़ी वित्तीय धांधली का आरोप. इमरजेंसी बैठक में किया गया फैसला.

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सरकार के बढ़ते दबाव ने कॉमनवेल्थ खेल आयोजन समिति के अध्यक्ष सुरेश कलमाडी़ के पसीने छुड़ा ही दिए. गुरुवार को अचानक इमरजेंसी मीटिंग बुलाकर उन्हें अपने तीन अधिकारियों की छुट्टी करनी पड़ी. चाबुक झेलने वाले अधिकारियों में कॉमनवेल्थ खेल आयोजन समिति, सीडब्ल्यूजी के संयुक्त महानिदेशक टीएस दरबारी, एम जयचंद्रन और उपमहानिदेशक संजय महिंद्रू शामिल हैं. यह तीनों कलमाड़ी के करीबी माने जाते हैं.

कई लोग अब भी निलंबन के फैसले को हैरानी से देख रहे हैं. भ्रष्टाचार के मामले पुख्ता ढंग से सामने आने के बाद कड़ी कार्रवाई की उम्मीद की जा रही थी. खेल मंत्रालय ने साफ कह चुका है कि आरोपी अधिकारियों को बर्खास्त किया जाए, लेकिन कार्रवाई निलंबन पर ही टाल दी गई.

इस बीच आरोपों की जांच के लिए कलमाड़ी ने तीन सदस्यों की एक कमेटी का गठन किया है. इसकी अगुवाई मुख्य कार्यकारी जरनैल सिंह करेंगे. जब न्यायिक या सीएजी जांच की बात हो रही थी, उससे पहले ही कलमाड़ी ने यह समिति बनाई. कलमाड़ी पहले वित्तीय धांधली के आरोपों से इनकार करते रहे हैं. लेकिन धीरे धीरे उन्हें कबूल करना पड़ रहा है कि लंदन में करार के किए बिना ही करोड़ों रुपये लुटाए गए. भ्रष्टाचार निरोधी शाखा को ऐसे सबूत मिले हैं कि कॉमनवेल्थ खेलों से जुड़ी 16 बड़ी परियोजनाओं में बड़े पैमाने पर धांधली हुई है.

Suresh Kalmadi vom Organisationskommitee der Commonwealth Games 2010

करोड़ों का कॉमनवेल्थ

गुरुवार को कलमाडी़ की टीम का एक विकेट और गिरा. इमरजेंसी बैठक से पहले ही सीडब्ल्यूजी के खजांची अनिल खन्ना ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. वह भारतीय टेनिस संघ में भी अतिरिक्त सचिव हैं. इस पद से खन्ना ने इस्तीफा नहीं दिया है. आरोप हैं कि उनके बेटे आदित्य खन्ना की कंपनी को आरके खन्ना टेनिस स्टेडियम में 14 सिंथेटिक कोर्ट बिछाने का ठेका मिला. अभी यह साफ नहीं है कि ठेका देने की प्रक्रिया में सिफारिश के अलावा किस किस तरह की गड़बड़ियां की गईं थी. ये बात भी साफ होनी है कि क्या आदित्य की कंपनी को बाजार दर पर ही ऑर्डर दिया गया या यहां भी कौड़ी के लिए करोड़ों खर्च किए गए.

बहरहाल अनिल खन्ना के इस्तीफे ने खेल आयोजन समिति की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. कलमाड़ी और खेल मंत्री एमएस गिल की तकरार किसी से छुपी नहीं है. गुरुवार को गिल ने एक बार फिर कहा, ''हम भ्रष्टाचार को कुचलने के लिए हमेशा कदम उठाते हैं. अगर कोई भी अधिकारी दोषी पाया गया तो उन्हें पद से हटा दिया जाएगा. हम हर मामले को पूरी गहराई से जांच करेंगे. सच बाहर आएगा.''

रिपोर्ट: पीटीआई/ओ सिंह

संपादन: ए जमाल

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