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दुनिया

कर्मापा के ट्रस्ट पर छापा, 6 करोड़ बरामद

तिब्बत के धार्मिक गुरुओं में गिने जाने वाले 17वें कर्मापा उग्येन त्रिनली दोरजी के नाम पर चल रहे ट्रस्टों में पुलिस छापे. दफ्तरों में छह करोड़ रुपयों के मूल्य की विदेशी मुद्रा मिली है.

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धर्मशाला के स्थानीय अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एसआर मारदी ने कहा कि ट्रस्ट के दफ्तरों में से 25 देशों की मुद्रा मिली है. इनमें चीन, ताइवान, जापान, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, थाइलैंड, वियतनाम और जर्मनी की मुद्राएं शामिल हैं. लगभग 11 लाख रुपए चीन की मुद्रा युआन में हैं, कुछ छह लाख अमेरिकी डॉलर में और भारतीय रुपये में 30 लाख मिले हैं. प्रवर्तन निदेशालय और आयकर विभाग को सूचना दे दी गई है.

पुलिस महानिदेशक डीएस मिनहास का कहना है कि जमीन को लेकर भी कई कागजात मिले हैं और इनके बेनामी जमीन होने के सिलसिले में जांच की जा रही है. मिनहास ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो कर्मापा से भी पूछताछ की जा सकती है. इस बीच कर्मापा के निजी सचिव त्सेरिंग को देहरादून से वापस धर्मशाला बुला लिया गया है.

छापों का आयोजन तब किया गया जब कर्मा गार्चेन ट्रस्ट के राबग्याल सोशिंग उर्फ शक्ति लामा को पुलिस ने गुरुवार को गिरफ्तार किया. साथ ही पंजाब हिमाचल प्रदेश की सीमा पर ऊना नाम की जगह में एक गाड़ी से एक करोड़ रुपए बरामद हुए. गाड़ी में सवार दो लोगों को भी गिरफ्तार किया गया और उनसे पूछताछ करने के बाद धर्मनशाला के पास सिद्धबाड़ी, दिल्ली में मजनू का टीला और पंजाब के अंबाला में ट्रस्ट के दफ्तरों पर छापे मारे गए.

ट्रस्ट चला रहे अधिकारियों का मानना था कि उन्हें पैसे दान के जरिए उनके मंदिर में आ रहे श्रद्धालुओं से मिले थे लेकिन माना जा रहा है कि इन पैसों से जमीन खरीदी जानी थी.

17वे कर्मापा वर्ष 2000 में चीन से भाग कर भारत पहुंचे थे और तब से ग्यातो मठ में रह रहे हैं. तिब्बतियों के धार्मिक गुरु और प्रमुख दलाई लामा ने उन्हें कर्मापा की उपाधि दी थी.

रिपोर्टः एजेंसियां/एमजी

संपादनः आभा एम

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