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जर्मन चुनाव

कर्नाटक सरकार पर संकट के बादल गहराए

कर्नाटक में बीजेपी सरकार का संकट बरकरार. राज्यपाल ने विधानसभा स्पीकर से कहा, विद्रोही बीजेपी विधायकों को वोट डालने का मौका दिया जाए. नंबर गेम में पिछड़ रही है बीजेपी. अब भी छह विधायकों की जरूरत.

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कर्नाटक में बीजेपी की पहली सरकार के सिर से संकट के बादल छटने का नाम नहीं ले रहे हैं. दक्षिण भारत में बीजेपी के पहले मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा को सोमवार को विश्वास मत का सामना करना है लेकिन पार्टी के विद्रोही विधायकों के तेवर अब भी नरम नहीं पड़े हैं.

बीजेपी ने सरकार बचाने के लिए विद्रोही विधायकों की बर्खास्तगी का जो दाव चला वह भी खाली गया है क्योंकि राज्यपाल हंसराज भारद्वाज ने विधान सभा अध्यक्ष केजी बोपैया से कहा है कि विधायकों को अयोग्य करार न दिया जाए. भारद्वाज ने कहा है कि सदन में 6 अक्तूबर वाली स्थिति ही बनी रहनी चाहिए. उसी दिन विद्रोही विधायकों ने बीजेपी सरकार से समर्थन वापस लिया था.

राज भवन के सूत्रों ने कहा कि राज्यपाल ने अपने पत्र में स्पीकर को निर्देश दिया है कि 224 सदस्यों वाली विधानसभा में 6 अक्तूबर की स्थिति को बनाए रखा जाए और सभी विधायकों को विश्वास मत पर होने वाली वोटिंग में हिस्सा लेने का मौका दिया जाए. विधान सभा में सोमवार को विश्वास मत लाया जाएगा.

विधानसभा में मुख्य विपक्षी दल जेडी(एस) अब खुलकर मैदान में आ गया है और बीजेपी सरकार को गिराने की कोशिशो में जुटा है. इस मुहिम को सफल बनाने की खातिर जेडी(एस) के नेता एचडी कुमारास्वामी बीजेपी के विद्रोही विधायकों के साथ चेन्नई के एक होटल में डटे हुए हैं.

कुमारास्वामी ने चेन्नई में कहा कि कांग्रेस के साथ मिलकर हम इस सरकार को गिराने की पूरी कोशिश करेंगे.

बीजेपी के विद्रोही विधायकों का नेतृत्व मंत्रीमंडल से हटाए गए बालचंद्र जारकिहोली और आनंद असनोटिकर कर रहे हैं. दोनों नेताओं ने एलान कर दिया है कि किसी भी हालात में झुकेंगे नहीं और येदियुरप्पा की सरकार को विश्वास में हराने के लिए पूरी कोशिश करेंगे.

अब नंबर गेम में बीजेपी पिछड़ती दिखाई दे रही हैं क्योंकि 113 के जरूरी आंकड़े को छूने के लिए उसे अब भी छह विधायकों की जरूरत होगी. बीजेपी के 11 और छह निर्दलीय विधायक बीजेपी का साथ छोड़ चुके हैं.

रिपोर्टः एजेंसियां/वी कुमार

संपादनः आभा एम

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