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दुनिया

करजई ने तालिबान से बातचीत की पुष्टि की

सीएनएन के साथ एक साक्षात्कार में अफगान राष्ट्रपति हामिद करजई ने स्वीकार किया है कि उनकी सरकार काफी समय से तालिबान के साथ अनौपचारिक बातचीत कर रही है, ताकि देश में युद्ध खत्म किया जा सके.

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करजई ने कहा कि हमवतन के तौर पर तालिबान के साथ बातचीत की जा रही है. यह नियमित औपचारिक बातचीत नहीं है, बल्कि व्यक्तिगत स्तर पर गैरसरकारी संपर्क जो काफी दिनों से जारी है. पिछले हफ्ते वॉशिंगटन पोस्ट ने खबर दी थी कि पाकिस्तान से सक्रिय अफगान तालिबान ग्रुप क्वेटा शूरा और मुल्ला ओमर द्वारा अधिकृत प्रतिनिधियों के साथ सरकार की गुप्त बातचीत हो रही है.

एक दिन पहले पूर्व राष्ट्रपति बुरहानुद्दीन रब्बानी को नई गठित शांति परिषद का अध्यक्ष चुना गया था. करजई ने अपने साक्षात्कार में कहा कि शांति परिषद के गठन के बाद बातचीत जारी रहेगी और उन्हें उम्मीद है कि अब यह बातचीत तेज और औपचारिक रूप से होगी.

तालिबान ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि जब तक अमेरिका के नेतृत्व वाली विदेशी टुकड़ियां देश छोड़कर चली नहीं जाती हैं, सरकार के साथ कोई बातचीत नहीं की जाएगी. पिछले गुरुवार को सन 2001 में शुरु हुए युद्ध की आठवीं बरसी पर तालिबान ने दावा किया था कि अफगानिस्तान का 75 फीसदी क्षेत्र उनके कब्जे में है और उनका जिहाद पूरे जोर शोर से जारी है.

करजई ने भी माना कि तालिबान के साथ अभी तक औपचारिक संपर्क नहीं बने हैं. लेकिन उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही ऐसे संपर्क बनेंगे. लेकिन उन्होंने साथ ही कहा कि वे अल कायदा या अन्य आतंकवादी गिरोहों के साथ संपर्क की कोशिश नहीं करेंगे.

पिछले समय में करजई के साथ ओबामा सरकार के संबंधों के बारे में अटकलों का बाजार गर्म रहा है. इस सिलसिले में करजई ने कहा कि राष्ट्रपति ओबामा के साथ संबंध बहुत अच्छे हैं. उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ अफगानिस्तान की स्ट्रैटिजिक साझेदारी है, जो सन 2011 में अपनी टुकड़ियों की संख्या में कटौती करने जा रहा है. लेकिन साथ ही उन्होंने कहा कि अफगान जनता को इस बात से डर है कि अमेरिका उन्हें भुला देगा.

रिपोर्ट: एजेंसियां/उभ

संपादन: वी कुमार

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