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ताना बाना

कमलनाथ को समन पर सफाई तलब

भारत ने शहरी विकास मंत्री कमलनाथ को 1984 के सिख विरोधी दंगों के मामले में अमेरिकी अदालत की तरफ से समन भेजे जाने पर सफाई मांगी है. भारत ने पूछा है क्या उन्हें राजयनिक रियायत नहीं दी जा सकती.

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अमेरिका ने अभी तक इस बारे में कुछ नहीं कहा है. बताया जाता है कि इस मुद्दे पर विचार किया जा रहा है. अमेरिका में जस्टिस फॉर सिख नाम के एक गैर सरकारी संगठन ने पिछले साल अप्रैल में कमलनाथ के खिलाफ मामला दर्ज कराया. इसी मामले में उन्हें अदालती समन भेजा गया है जिसके बाद अमेरिका में भारतीय दूतावास ने वहां की सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है.

Umweltminister Jairam Ramesh

जयराम रमेश के साथ कमलनाथ

अमेरिकी रुख का इंतजार

कुछ खबरों में कहा गया है कि अमेरिका कमलनाथ को मुकदमे से बचने की राजनयिक छूट देने को तैयार नहीं है क्योंकि सरकार एक गैर सरकारी संगठन और भारतीय मंत्री के बीच नहीं पड़ना चाहती. लेकिन भारतीय अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि नहीं की है.

इस बीच कमलनाथ ने कहा है, "जहां तक मेरी जानकारी है, अमेरिका ने इसे (भारत के आग्रह) को खारिज नहीं किया है. कम से कम मुझे तो यही पता है. पिछले 25 सालों में भारत में भी मेरे ऊपर किसी तरह के आरोप नहीं लगे."

उधर कमलनाथ के वकीलों ने इस बात से इनकार किया है उन्हें एनजीओ के एक सदस्य की तरफ से दायर केस में समन भेजा गया है.

उनका कहना है कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद 1984 में भड़के सिख विरोध दंगों के मामले में भारत में 740 केस दर्ज किए और इनमें से किसी एक में भी कमलनाथ का नाम नहीं आया है. उनके मुताबिक, "भारतीय राजदूत और अमेरिकी अधिकारियों के बीच (राजनयिक रियायत पर) बात हो रही है."

रिपोर्टः एजेंसियां/ए कुमार

संपादनः एस गौड़

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