कब बनेगी दिल्ली सुरक्षित? | दुनिया | DW | 19.10.2015
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दुनिया

कब बनेगी दिल्ली सुरक्षित?

दिल्ली वाले अपने शहर को ले कर यही सवाल कर रहे हैं. ढाई साल की बच्ची के बलात्कार की घटना ने एक बार फिर दिल्ली को दहला दिया है.

हालांकि इस मुद्दे पर राजनीति भी जोर शोर से हो रही है. पुलिस का नियंत्रण केंद्र से हटा कर राज्य सरकार को देने की मांग करने वाले दिल्ली के मुख्यमंत्री ने इस मौके को गंवाया नहीं. सोमवार दोपहर दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में अपराध दर इसीलिए तेजी से बढ़ रही है क्योंकि लोगों को पुलिस से डर नहीं है, "मुझे नहीं लगता कि सब बुरे लोग दिल्ली में ही बैठे हैं और कोलकाता, न्यूयॉर्क, लंदन और बनारस में सब साधू संत हैं. बस, दिल्ली में किसी को कानून का डर नहीं है."

आम आदमी पार्टी ने ट्विटर के माध्यम से #MakeDelhiSafe कैंपेन भी चलाया है. पार्टी साफ शब्दों में कह रही है कि या तो केंद्र सरकार दिल्ली को सुरक्षित बनाए, या फिर एक साल के लिए पुलिस को राज्य सरकार के हवाले करे और नतीजे देखे.

संयुक्त राष्ट्र ने भारत को महिलाओं के लिए दुनिया में सबसे असुरक्षित देशों में से एक बताया है. लगातार सामने आ रही बलात्कार की घटनाओं के बाद दिल्ली को 'रेप कैपिटल' कहा जाने लगा है. इससे परेशान लोग सोशल मीडिया पर अपना गुस्सा भी निकाल रहे हैं. शुक्रवार को पश्चिमी दिल्ली की पांच साल की बच्ची की, तो पूर्वी दिल्ली की ढाई साल की बच्ची की बलात्कार की खबरें आईं. एक हफ्ता पहले ही चार साल की एक बच्ची के साथ दुष्कर्म की भी रिपोर्टें छपीं.

केजरीवाल का कहना है कि इन मामलों को देखते हुए वे दिल्ली में फास्ट ट्रैक कोर्टों की संख्या बढ़ाना चाहते हैं, "हमें और कई अदालतें बनानी होंगी, कानूनी प्रक्रिया को तेज करना होगा. हमारे पास राजनीतिक इच्छाशक्ति है, इसके लिए जितने धन की जरूरत होगी, हम देंगे." साथ ही उन्होंने बलात्कार के मामलों में 'जुवेनाइल एक्ट' में अपराधी की उम्र को कम कर 18 से 15 साल करने की भी मांग की है.

हालांकि कुछ लोग केजरीवाल पर भी चुटकी ले रहे हैं और कह रहे हैं हर वक्त शिकायत करते रहने वाले व्यक्ति को मुख्यमंत्री की कुर्सी से हटा कर ही दिल्ली को सुरक्षित बनाया जा सकता है.

इससे पहले मुख्यमंत्री केजरीवाल यह भी कह चुके हैं कि वे शीला दीक्षित नहीं हैं, जो बलात्कार की घटनाओं पर चुप रहेंगे. साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा है कि वे तब तक प्रधानमंत्री को "चैन की नींद" नहीं सोने देंगे, जब तक "जंगल राज" खत्म नहीं हो जाता.

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