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दुनिया

कबाब में करोड़ों की हड्डी

सेंटिंग कर एक जैसा दाम तय करने वाली सॉसेज कंपनियों पर जर्मनी ने 3.38 करोड़ यूरो का जुर्माना लगाया है. लपेटे में आने वालों में दिग्गज अंतरराष्ट्रीय कंपनियां भी हैं.

जर्मनी की एंटीट्रस्ट अथॉरिटी ने 20 सॉसेज कंपनियों पर यह भारी भरकम जुर्माना ठोका है. जांच में इन कंपनियों को दाम तय करने में हेराफेरी करने का दोषी पाया गया. इनमें नेस्ले की शाखा हेर्टा और माइका, बोकलुंडर और विशनहॉफ जैसी कंपनियां हैं. साथ ही 33 लोगों पर भी अर्थ दंड ठोका गया है.

एंटीट्रस्ट अथॉरिटी के चेयरमैन आंद्रेयास मुंट इतने भारी जुर्माने को सही ठहराते हैं. उनका कहना है कि यह बड़ा लग रहा है "लेकिन इसमें बहुत ज्यादा कंपनियां शामिल हैं, इस धांधली के चलते इनके उत्पादक संघ ने लंबे वक्त में बाजार से अरबों की कमाई की है."

एंटीट्रस्ट अथॉरिटी के मुताबिक इन कंपनियों ने 2003 से ही मिलीभगत कर सॉसेज के दाम बढ़ाए. कई तरह के प्रोडक्ट्स की सभी कंपनियां क्या कीमत रखेंगी, इसे लेकर भी रजामंदी हुई. संघीय कार्यालय को यह जानकारी एक मुखबिर ने दी. 11 कंपनियों ने जांच की शुरुआत में ही स्वीकार किया कि उन्होंने नियम तोड़े हैं. आरोपी कंपनियां इससे इनकार कर रही हैं, उन्होंने फैसले को चुनौती देने की बात भी कही है.

सॉसेज कबाब की ही तरह बिना हड्डी वाला मांस होता है. जर्मनी में यह करीब करीब मुख्य आहार ही है. औसतन हर देशवासी साल में 30 किलोग्राम सॉसेज खाता है.

ऐसा ही भारी भरकम जुर्माना इस साल की शुरुआत में 11 बीयर कंपनियों पर भी लगाया गया था. उन्होंने भी दाम फिक्स किए और फिर 34 करोड़ यूरो का जुर्माना झेला. यह पहला मौका है जब साल के सात महीनों के भीतर ही करीब एक अरब यूरो का जुर्माना ठोका गया है.

ओएसजे/आईबी (डीपीए)

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