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खेल

कबड्डी में ग्लैमर की परत

अजय ठाकुर को कबड्डी की दुनिया तो खूब जानती है लेकिन भारत के आम लोग नहीं. भला कबड्डी से किसको मतलब. लेकिन अब स्थिति बदल रही है. ठाकुर भी लोकप्रिय हो रहे हैं.

पिछले महीने प्रो कबड्डी लीग की शुरुआत हुई और इसका टेलीविजन पर लाइव प्रसारण किया जाने लगा. इसके बाद से लोगों की दिलचस्पी कबड्डी में भी होने लगी है. 27 साल के अजय ठाकुर रातों रात स्टार बन गए हैं. भारत में कबड्डी की बहुत पुरानी परंपरा है.

नई लीग में बैंगलोर बुल्स के खिलाफ मैच के बाद ठाकुर ने कहा, "बहुत अच्छा लगता है कि कोई बच्चा मुझसे ऑटोग्राफ मांगता है. मेरे लिए यह नई बात है और इससे मुझे सफलता की भूख जगती है." हालांकि इस खेल में क्रिकेट जैसा पैसा नहीं है लेकिन ठाकुर को इस बात की खुशी है कि लोगों ने इसमें दिलचस्पी तो लेनी शुरू की, "मैंने कभी सोचा नहीं था निवेशक कबड्डी पर पैसा लगाएंगे."

लगभग टेनिस कोर्ट जितने बड़े मिट्टी के ग्राउंड पर कबड्डी खेली जाती है, जिसमें दोनों टीमों में सात सात खिलाड़ी होते हैं. नियम वही- एक खिलाड़ी कबड्डी, कबड्डी कहता हुआ दूसरे पाले में जाता है. सांस तोड़े बगैर जितने खिलाड़ियों को छू देगा, वो आउट और अगर खुद पकड़ा गया और सांस टूट गई, तो खुद आउट.

Kabaddi Asien Cup 2012

एशियाई कप में भारत चैंपियन

बदले गए नियम

लेकिन अब यह बदल गया है. त्यागराज इनडोर स्टेडियम में कबड्डी खिलाड़ियों के बदन पर चमकदार पोशाक होती है. चारों तरफ जबरदस्त म्यूजिक. खिलाड़ी कबड्डी, कबड्डी नहीं बोलते, बल्कि बड़ी स्क्रीन पर 30 सेकेंड का काउंटडाउन चलता है. स्टेडियम दर्शकों से भरा होता है. प्रो कबड्डी लीग की टीमों को मीडिया की जानी मानी हस्तियों, उद्योगपतियों औ बॉलीवुड स्टारों ने खरीदा है.

इसे इंडियन क्रिकेट लीग आईपीएल की तर्ज पर शुरू किया गया है लेकिन स्पोर्ट्स कमेंटेटेर चारु शर्मा का कहना है कि बात अलग है, "हमारे पास उस तरह के पैसे नहीं हैं. लेकिन आईपीएल के बाद हमें समझ आया कि अगर आपने पैकेजिंग अच्छी की है, तो स्पोर्ट्स अच्छा बिकेगा." कबड्डी के सबसे महंगे खिलाड़ी की बोली 20,000 डॉलर में लगी, जबकि इसी साल आईपीएल में दिल्ली डेयरडेविल्स ने इंग्लैंड के केविन पीटरसन के लिए 14 लाख डॉलर खर्चे थे.

भारत का बोलबाला

कबड्डी पाकिस्तान, दक्षिण कोरिया और बांग्लादेश सहित 35 देशों में खेला जाती है लेकिन 1990 में एशियाई खेलों में इसे शामिल किए जाने के बाद से भारत ने ही सातों स्वर्ण पदक जीते हैं. दिल्ली टीम की मालकिन राधा कपूर का कहना है कि लोगों में शक है लेकिन उन्हें इसकी कामयाबी का भरोसा है, "देखिए, अमेरिका ने बेसबॉल और अमेरिकी फुटबॉल के साथ क्या किया है."

इसी महीने विश्व कबड्डी लीग भी शुरू होने वाली है, जिसकी पहली मंजिल लंदन और दूसरी अमेरिका फिर कनाडा होगी.

एजेए/ओएसजे (एएफपी)

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