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दुनिया

कनिष्क विमान बमकांड में सजा देने की कार्रवाई शुरू

करीब 25 साल पहले एयर इंडिया के विमान को उड़ाने में मदद करने वाले शख्स ने कनाडा की न्याय व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए साजिश के बारे में जानकारी देने से इंकार कर दिया. अभियोजन पक्ष ने इस शख्स के लिए 14 साल की सजा मांगी है.

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कनाडाई नागरिक इंदरजीत सिंह रैयत को उसके बयानों के आधार पर कोर्ट ने इस मामले में दोषी करार दिया है. रैयत ने यह बयान दो और लोगों के खिलाफ गवाही देने के दौरान दिया था. हालांकि बाद में उन दोनों को आरोपों से बरी कर दिया गया. 1985 में एयर इंडिया के विमान को उड़ान भरने के बाद बम से उड़ा दिया गया और इसमें सवार सभी 329 यात्री मारे गए. विमान कनाडा से लंदन के रास्ते भारत जा रहा था और जब इसमें धमाका हुआ तो यह अटलांटिक सागर के ऊपर से गुजर रहा था. किसी नागरिक विमान में हुआ यह सबसे बड़ा बम धमाका था.

25 साल पहले हुए इस बम कांड में इंदरजीत सिंह रैयत अकेला शख्स है जिसे दोषी करार दिया गया है. रैयत को 2003 में अभियोजन पक्ष की तरफ से गवाही देने के लिए बुलाया गया. इससे पहले उसने अपनी गलती मानते हुए सजा में छूट की अपील की थी. बाद में उसने साजिश के बारे में कुछ भी बताने से इंकार कर दिया. उसने यह भी नहीं बताया कि उसे इस बम बनाने में मदद करने के लिए क्यों कहा गया था.

बमकांड में उसकी भूमिका के लिए मिली माफी को अभियोजन पक्ष के मुताबिक अब बेकार हो गई है क्योंकि रैयत ने साजिश के बारे पूरी बात बताने से इंकार कर दिया है. अभियोजन पक्ष ने सुनवाई के दौरान कोर्ट से यह बात कही.

कनाडाई और भारतीय जांचकर्ताओं का कहना है कि बमकांड को पश्चिमी कनाडा में रहने वाले सिख चरमपंथियों ने अंजाम दिया था. ये लोग 1984 में स्वर्ण मंदिर पर भारतीय सेना की कार्रवाई का बदला लेना चाहते थे. चरमपंथियों ने एक साथ दो विमानों के बम से उड़ाने की योजना बनाई थी लेकिन दूसरा बम पहले ही फट पड़ा और उसे लेकर विमान में रखने जा रहे दो लोग चापान के नारिता एयरपोर्ट पर मारे गए.

58 साल के इंदरजीत सिंह रैयत ने कोर्ट को गुमराह करने के आरोपों से इंकार किया है. उसके वकील ने कोर्ट से कहा कि उसकी गवाही को उसे बम हमलों में दोबारा सजा देने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए. रैयत के वकील इयान डोनाल्डसन का कहना है, "उसे पूरी सजा मिल चुकी है." डोनाल्डसन के मुताबिक उसे एक या दो साल से ज्यादा की सजा नहीं दी जानी चाहिए. रैयत एयर इंडिया के बम धमाके में पांच साल की सजा काट चुका है. इसके अलावा नारिता में फटे बम को बनाने के लिए भी उसने 10 साल की सजा काटी. फिलहाल वह हिरासत में है और अपनी गवाही के आधार पर मिलने वाली सजा का इंतजार कर रहा है.

कनाडा की सरकार ने इस साल जून में एयर इंडिया विमान हादसे के पीड़ितों से माफी मांगी. सरकार ने माना कि अधिकारियों ने एक सूचना पर सही समय पर कार्रवाई की होती तो वे इस बमकांड को रोक सकते थे. इसके अलावा घटना की जांच भी ठीक से नहीं की गई.

रिपोर्टः एजेंसियां/एन रंजन

संपादनः वी कुमार

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