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दुनिया

कनाडा में संदिग्ध आतंकवादी गिरफ्तार

कनाडा पुलिस ने ट्रेन पर हमला करने की आतंकवादी साजिश नाकाम करने का दावा किया है. पुलिस ने दो विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है. दोनों को ईरान से चल रहे अल कायदा नेटवर्क का सदस्य बताया जा रहा है.

पुलिस ने 30 साल के शिहेब एसघैर और 35 साल के रायद यासेर को गिरफ्तार किया है. पुलिस का आरोप है कि दोनों टोरंटो के पास एक यात्री ट्रेन को पटरी से उतारने की साजिश रच रहे थे. संदिग्धों पर आतंकवादी संगठन से संबंध रखने और लोगों की हत्या की साजिश रचने के आरोप लगाए गए हैं. रॉयल कनैडियन माउंटेड पुलिस (आरसीएमपी) के सह आयुक्त जेम्स मालिजिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि संदिग्धों को "ईरान में रह रहे अल कायदा के तत्वों से मदद मिल रही थी. इस बात के कोई संकेत नहीं है कि हमलों के पीछे किसी देश की सरकार का हाथ है."

ईरान ने कनाडाई अधिकारियों के आरोपों को बेबुनियाद बताया है. तेहरान के मुताबिक सिर्फ आरोप लगाए गए हैं, उनकी पुष्टि करने वाला कोई तथ्य पेश नहीं किया गया है. ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रामिम मेहमानपरस्त ने कहा, "यह बात मशहूर ही है कि ईरान और चरमपंथी संगठनों के बीच न तो राजनीतिक और न ही विचारधारा संबंधी तालमेल है. हम हर तरह के आतंकवाद की निंदा करते हैं."

पुलिस के मुताबिक एक संदिग्ध कई साल से कनाडा के मॉन्ट्रियाल शहर में रह रहा था. आरसीएमपी की चीफ सुप्रीन्टेंडेंट जेनिफर स्ट्राखन का कहना है कि दोनों पर बीते साल अगस्त से नजर रखी जा रही थी. हालांकि पुलिस ने यह नहीं बताया कि संदिग्ध कौन से रूट की ट्रेन को निशाना बनाने की साजिश रच रहे थे. स्ट्राखन ने कहा, "हमारा आरोप है कि इन लोगों ने ऐसे कदम उठाए और ऐसी गतिविधियां की जो आतंकवादी हमले की तैयारियां थीं. वे ग्रेटर टोरंटो इलाके में रेल तंत्र पर नजर बनाए हुए थे."

ये गिरफ्तारियां अमेरिका के बोस्टन शहर में हुए दो धमाकों के हफ्ते भर बाद हुई हैं. कनाडा की संसद में इस वक्त आतंकवाद निरोधी कानून को सख्त बनाने के प्रस्ताव पर बहस चल रही है. गिरफ्तारी के बाद कनाडा के जन सुरक्षा मंत्री विक टोएव्स ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा, "गिरफ्तारियां दिखाती हैं कि आतंकवाद से कनाडा को असली खतरा बना हुआ है."

फिलहाल कनाडा में गिरफ्तार किए गए संदिग्धों का बोस्टन धमाकों से कोई संबंध नहीं मिला है. कहा जा रहा है कि अमेरिका और कनाडा के अधिकारी मिलकर काम कर रहे हैं. यह साफ नहीं हुआ है कि संदिग्धों की सूचना किसने किसको दी. ओटावा में अमेरिकी दूतावास ने बयान जारी कर कहा कि दो संदिग्धों की गिरफ्तारी "जबरदस्त सीमा पार सहयोग" का नतीजा है.

अधिकारियों के दावे से इतर एक कहानी और उभर रही है. टोरंटो के एक वकील का दावा है कि उनके मुअवक्किल ने सबसे पहले अधिकारियों को एक संदिग्ध की सूचना दी. मुवक्किल स्थानीय ईमाम हैं. वकील के मुतबिक ईमाम ने यह बात पकड़ी कि संदिग्ध मुस्लिम युवाओं में चमरपंथी विचारधारा फैला रहा है. स्थानीय अखबारों में भी यह खबरें छपी हैं. पुलिस के दावों से पहले ही अखबारों में एक संदिग्ध की पहचान सार्वजनिक होने लगी थी. मीडिया के मुताबिक एसघैर ट्यूनीशिया का नागरिक है. इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुका यह छात्र नवंबर 2010 से पीएचडी कर रहा है.

ओएसजे/एमजे (एएफपी, एपी)

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