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जर्मन चुनाव

कनाडा के सिखों को मनमोहन की सलाह

भारतीय प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह ने कनाडा में रहने वाले सिखों को सलाह दी है कि वे 1984 के सिख विरोधी दंगों की त्रासदी से उबर कर भारत के लिए अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करें.

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1984 को भूलें.

मनमोहन सिंह ने इन दंगों को एक भयानक त्रासदी बताते हुए कहा कि इन्हें नहीं होना चाहिए था. उन्होंने ध्यान दिलाया कि सन 2005 में उन्होंने इनके लिए माफ़ी मांगी थी, और उनकी सरकार ने पीड़ितों के लिए मुआवज़े का सिलसिला शुरू किया है. न्याय दिलाने में देर और कई अभियुक्तों के बरी होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि कनाडा की तरह भारत की न्याय प्रणाली में भी समस्याएं हैं.

भारतीय प्रधान मंत्री भारतीय-कनाडाई सांसदों की एक बैठक को संबोधित कर रहे थे. इससे पहले उन्होंने टोरंटो में कनिष्क विमान हमले के पीड़ितों के स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की. सांसदों की इस बैठक में भारतीय-कनाडाई सांसद सुख धालीवाल भी मौजूद थे, जिन्होंने हाल में कनाडा की संसद में एक प्रस्ताव पेश किया है, जिसमें 1984 के दंगों को आमसंहार घोषित करने की मांग की गई है. मनमोहन सिंह ने इस बात पर अफ़सोस जताया कि कुछ संगठन अपने पृथकतावादी एजेंडे की ख़ातिर दंगे के सवाल को जिलाए रखना चाहते हैं.

कनाडा के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री उज्जल दोसंझ ने भारतीय प्रधान मंत्री से अपील की कि वे 1984 के दंगे के मामले पर ध्यान दें. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि कई संगठन अपने खालिस्तानी एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए इस मामले को धूंआ दे रहे हैं. उन्हें पीड़ितों के लिए न्याय की कतई फ़िक्र नहीं है.

भारतीय प्रधान मंत्री इस बीच स्वदेश वापस लौट आए हैं.

रिपोर्ट: एजेंसियां/उभ

संपादन: राम यादव

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