1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

दुनिया

कनाडा के प्रधानमंत्री हार्पर भारत में

असैनिक परमाणु सहयोग, व्यापार और आर्थिक समझौतों के लिए कनाडा के प्रधानमंत्री स्टेफन हार्पर रविवार से भारत की यात्रा पर आ रहे हैं.

समझौतों के अलावा कनाडा में भारत के अलगाववादी तत्वों की मौजूदगी पर भी हार्पर बातचीत करेंगे. कनाडा के प्रधानमंत्री के साथ तीन कैबिनेट मंत्री और व्यापारियों का बड़ा प्रतिनिधिमंडल भी है.

हार्पर की भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात होगी. उम्मीद की जा रही है कि दोनों पक्ष भारत कनाडा के बीच 2010 में हुई परमाणु संधि को आगे बढ़ाएंगे. साथ ही मुख्य द्विपक्षीय क्षेत्रों में भी संबंध मजबूत करने की कोशिश की जाएगी.

भारत के विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव (अमेरिका) विक्रम दुरैस्वामी ने कहा, "हमें उम्मीद है कि इस यात्रा के दौरान परमाणु संधि पर आगे बढेंगे."

उन्होंने यह भी कहा कि यह समझौता भारत के संदर्भ में सेफगार्ड समझौता, अंतरराष्ट्रीय परमाणु एजेंसी, भारतीय कानून और कनाडा के कानून के हिसाब से किया जाएगा.

कनाडा में मौजूद भारत के अलगाववादी तत्वों के बारे में दुरैस्वामी ने कहा, "यह भारत सरकार के लिए काफी चिंता का विषय है और इसे कई दशकों से उठाया जा रहा है. खासकर 1985 के बाद से. हमें लगता है कि कनाडा से मिलने वाले सहयोग में काफी बेहतरी हुई है. और हम आगे भी इस मुद्दे पर बात करेंगे."

व्यापार के मामले में भारत और कनाडा व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते पर बात कर रहे हैं. इस संबंध में अगली बातचीत नवंबर के दौरान कनाडा में होगी. 2011 में भारत और कनाडा के बीच द्विपक्षीय व्यापार 5.2 अरब डॉलर का था. यह 2010 की तुलना में 28 फीसदी बढ़ा. भारत में कनाडा का कुल निवेश 4.3 अरब अमेरिकी डॉलर है जबकि भारत ने कनाडा में 14.2 अरब डॉलर का निवेश किया है.

2010 में भारत का निवेश सिर्फ 6.4 अरब और कनाडा का निवेश भारत में 48.5 करोड़ डॉलर का था. जबकि अभी यह पांच अरब बताया जा रहा है.

ऊर्जा, खनन, मूल संरचना, उच्चशिक्षा, विज्ञान और तकनीक, कृषि द्विपक्षीय सहयोग के मुख्य क्षेत्र हैं. भारतीय मूल के कनाडियाई नागरिक वहां की जनसंख्या का अहम हिस्सा हैं. कनाडा में भारतीय मूल के लोगों की संख्या कुल जनसंख्या की तीन फीसदी यानी करीब 10 लाख है. हार्पर अपनी यात्रा के दौरान बैंगलोर, आगरा और चंडीगढ़ भी जाएंगे.

एएम/एनआर (पीटीआई)

DW.COM

WWW-Links