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खेल

कतर के मामले में सॉरी: फीफा

कतर को 2022 के फुटबॉल वर्ल्ड कप की मेजबानी सौंपना गलती थी. फीफा अध्यक्ष सेप ब्लाटर के इस बयान ने फुटबॉल जगत में हलचल मचा दी है. फीफा को अब पता चल रहा है कि 40 डिग्री की गर्मी में खेलेंगे या गश खाएंगे.

प्रेस में तमाम अधिकारियों की मुखर आलोचनाओं के बाद शुक्रवार को फीफा अध्यक्ष सेप ब्लाटर ने भी मान लिया कि कतर को फुटबॉल वर्ल्ड कप मेजबानी देकर गलती हुई है. एक स्विस मीडिया हाउस से बात करते हुए उन्होंने कहा, "आप जानते हैं कि जीवन में हर कोई गलतियां करता है."

पहले तय कार्यक्रम के मुताबिक कतर में 2022 की गर्मियों में विश्व कप होना था. उस दौरान औसत तापमान 40 डिग्री रहता है. इतनी गर्मी में डेढ़ घंटे तक दौड़ना जानलेवा हो सकता है. अपने पूर्व फैसले का बचाव करते हुए ब्लाटर ने कहा, "कतर टेक्निकल रिपोर्ट में यह कहा गया था कि गर्मियों में वहां बहुत गर्मी होती है, लेकिन फीफा एक्जीक्यूटिव कमेटी ने बहुमत से कतर में खेलने का फैसला किया."

माना जा रहा है कि अब कार्यक्रम में बदलाव होगा. फीफा प्रमुख ने इस बात के संकेत दिये हैं. सर्दियों में वहां औसत तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहता है, "खेलने का सबसे अच्छा समय साल के अंत में होगा. आपको तार्किक होना होगा, हम साल के अंत में सर्दियों में खेलेंगे." फीफा ने दिसंबर 2010 में कतर को 2022 की मेजबानी देने का फैसला किया था.

कुछ ही समय पहले ब्लाटर ने आरोप लगाया था कि फ्रांस के दबाव के चलते कतर को मेजबानी दी गई. फ्रांस ने इस आरोप का खंडन किया है. फ्रांसीसी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रोमैं नडाल के मुताबिक ऐसे फैसले करना फीफा के एक्जीक्यूटिव बोर्ड की जिम्मेदारी है और इसमे पेरिस ने कोई दखल नहीं दी है.

सर्दियों में वर्ल्ड कप का मतलब है कि यूरोप के सभी देशों की घरेलू लीग इससे प्रभावित होंगी. इससे फुटबॉल क्लबों को आर्थिक नुकसान भी होगा.

ओएसजे/एमजी (एएफपी)

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