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दुनिया

कतर कपः कितना सपना, कितनी चुनौती

रेतीले मैदानों, सफेद साफों और घर दफ्तर से लेकर एयर कंडीशन कार और बाजार के लिए तो इस देश को जाना जाता है लेकिन फुटबॉल के लिए नहीं. कतर को हाल के दिनों में इसकी खूबसूरत एयरलाइंस के लिए भी जाना जाने लगा है.

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मेजबानी मिलने पर झूम उठा कतर

वर्ल्ड कप 2022 की मेजबानी कतर को मिली है, जिस पर वह खुद अचंभित है. आम तौर पर गर्मियों में होने वाला फुटबॉल का वर्ल्ड कप जिस वक्त खेला जाता है, अरब देशों की रेगिस्तान पर सूरज आग उगल रहा होता है. तापमान 50 डिग्री के आस पास होना सामान्य माना जाता है और फीफा के नियमों में जिक्र है कि अगर आप 32 डिग्री से ज्यादा के तापमान पर डेढ़ घंटे का यह थका देने वाला खेल खेलते हैं, तो आपकी सेहत पर काफी बुरा असर पड़ सकता है.

Katar WM 2022 FLASH Galerie

वर्ल्ड कप के लिए प्रस्तावित यूनिवर्सिटी स्टेडियम का मॉडल

कतर ने इसका तोड़ निकाल लिया है. देश में पानी की तरह पेट्रोल बहता है और पैसों की कोई कमी नहीं. एक दो अरब डॉलर तो यूं ही आनन फानन में खर्च कर दिए जाते हैं. कतर का दावा है कि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम तैयार करेगा. एयर कंडीशन. जी हां, 50,000 लोगों के बैठने की क्षमता सेंट्रली एयर कंडीशन होगी और इसके लिए रेगिस्तान में एक महाविशाल सोलर प्लांट लगाने की योजना है, जो ऊर्जा का उत्पादन करेगा.

कतर का दावा है कि वह इस काम को पूरा कर लेगा. सितंबर में जब फीफा का एक दल कतर का दौरा करने पहुंचा, तो उसने कुछ हफ्तों में एक सैंपल स्टेडियम तैयार किया, जिसमें कुछ हजार लोगों के बैठने की जगह थी. यह एयर कंडीशन स्टेडियम तमाम सुविधाओं से लैस था.

हालांकि तैयारी के लिए 12 साल का लंबा वक्त मिला है लेकिन इस स्तर पर ऊर्जा तैयार करना कोई आसान काम नहीं होगा. पूरे कतर की आबादी 10 लाख के आस पास है और स्टेडियमों में 50,000 लोगों के बैठने की जगह होगी. यानी कोई 20 स्टेडियम भर जाएं, तो पूरी आबादी फुटबॉल मैच देखती नजर आएगी.

WM-Gastgeber 2018 und 2022 NO FLASH

कतर के अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी और उनकी पत्नी

वैसे, सिर्फ स्टेडियम बनाने से काम नहीं चलने वाला. दुनिया के सबसे बड़े खेल मेले के आयोजन के लिए पूरे पूरे गांव बनाने पड़ते हैं. पांचसितारा होटलों की व्यवस्था करनी पड़ती है और खिलाड़ियों से लेकर आम दर्शकों की जरूरतों का ध्यान रखना होता है. कतर इसमें भी हाथ नहीं खींच रहा है. सिर्फ मेट्रो रेल और नागरिक ट्रांसपोर्ट के लिए इस देश ने जर्मनी के डॉयचे बान के साथ 25 अरब डॉलर का कांट्रैक्ट किया है. लिहाजा, वर्ल्ड कप की बात होगी, तो और पैसे झोंके जा सकते हैं. जाहिर है, इससे रोजगार भी बढ़ेगा.

कतर के सामने एक और बड़ी परेशानी स्वयं फुटबॉल की है. अरब देशों में जब फुटबॉल की बात होती है, तो ईरान, इराक, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात की टीमों का ध्यान आता है. इन देशों ने वर्ल्ड कप खेल रखा है और अंतरराष्ट्रीय फीफा रैंकिंग में भी अच्छी जगह रखते

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