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ताना बाना

कड़ी शर्तों के साथ ग्रीस को 110 अरब यूरो का कर्ज़

यूरो ज़ोन के सदस्य देश और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष बेहद बुरे आर्थिक संकट में फंसे ग्रीस को मदद देने के लिए तैयार हुए. एथेंस को अगले तीन साल में 110 अरब यूरो की आर्थिक सहायता दी जाएगी, लेकिन बेहद कड़ी शर्तों के साथ.

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ग्रीस को आर्थिक मदद देने संबंधी करार पर बातचीत के दौरान ग्रीक प्रधानमंत्री जॉर्ज पापान्द्रेउ ने कहा कि वह 'बड़े बलिदान' के लिए तैयार हैं. उनके इस रुख़ के बाद यूरो ज़ोन के 16 सदस्य देशों और आईएमएफ़ ने राहत पैकेज़ देने के क़रार पर मुहर लगा दी. 80 अरब यूरो यूरोपीय संघ देगा, जबकि 30 अरब यूरो की मदद अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से आएगी. क़रार के तहत ग्रीस को बजट घाटा बेहद कम करने के लिए कुछ कड़े कदम उठाने होगें.

इन कदमों में निम्न शर्तें शामिल हैं:

#सरकारी क्षेत्र में बोनस सिस्टम ख़त्म करना.

#मोटी तनख्वाह पाने वालों पर नकेल कसना, छुट्टी के दौरान मिलने वाले बोनस पर काबू करना.

#सरकारी क्षेत्र में अगले तीन साल के लिए वेतन और पेंशन वृद्धि पर रोक लगाना

#वैट 21 से बढ़ाकर 23 फ़ीसदी करना.

#ईंधन, एल्कोहॉल और तंबाकू पर 10 फ़ीसदी टैक्स बढ़ाना.

Euro-Finanzminister zu Griechenland-Hilfen NO-FLASH

इन कड़े कदमों के विरोध में ग्रीस में बड़े प्रदर्शन हो रहे हैं. प्रदर्शनकारी पहले ही सरकार को चेतावनी दे चुके थे कि अगर उसके कर्ज़ के लिए कड़ी शर्तें मानी तो गली गली में हंगामा होगा. विरोध करने वालों से प्रधानमंत्री पापान्द्रेउ ने कहा, ''हमारा देश दीवालिएपन की लाल रेखा पर खड़ा है. हमारे आज के फ़ैसले के बाद नागरिकों को बड़े बलिदान करने होंगे.'' पापान्द्रेउ ने कहा कि पूर्व सरकार का कर्ज़ इतना बडा़ होगा यह किसी ने नहीं सोचा था. प्रधानमंत्री का कहना है कि कड़े आर्थिक कदम ग्रीस को तुरंत उठाने हैं.

ग्रीस सरकार का कहना है कि 2010 तक जीडीपी चार फ़ीसदी गिर जाएगा. ग्रीस पर इस वक्त जीडीपी के दोगुने से ज़्यादा कर्ज़ है. 2013 तक यह ऋण जीडीपी का 149 फ़ीसदी हो जाएगा. फिलहाल ग्रीस का बजट घाटा 13.6 फ़ीसदी है, जिसे 2014 तक तीन प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.

NO FLASH Griechenland Protest Finanzministerium

यूरोपीय संघ की योजना के मुताबिक पहले साल ग्रीस को 30 अरब यूरो की मदद दी जाएगी. हालांकि ग्रीस को यह रक़म देने के लिए यूरो ज़ोन के 16 देशों को भी अपने अपने यहां संसद की मंज़ूरी लेनी है. जर्मनी के आर्थिक मामलों के मंत्री राइनर ब्रुडर्ले को उम्मीद है कि इसमें कोई परेशानी नहीं आएगी.

रविवार को जर्मन चासंलर अंगेला मैर्केल ने भी कहा कि अन्य देशों को भी यह देखना चाहिए कि जो रास्ता ग्रीस ने आईएमएफ़ के साथ निकाला है वह आसान नहीं है. ख़राब स्थिति को रोकना अब सिर्फ ग्रीस के हाथ में है. अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भी राहत पैकेज का स्वागत किया है. लेकिन असली गर्मी ग्रीस सरकार को झेलनी है. लोग नाराज़ हैं लिहाज़ा ग्रीस में उबाल आना तय है.

रिपोर्ट: एजेंसियां/ओ सिंह

संपादन: एस गौड़