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मंथन

कंप्यूटर और फोन से लें छुट्टी

क्या आपने कभी हिसाब लगाया है कि दिन में कितने घंटे टीवी, इंटरनेट या फिर फोन से जुड़े रहते हैं? ना केवल लोगों को इनकी लत लग गयी है, बल्कि ये उनकी सेहत पर भी वार कर रहे हैं. कंप्यूटर और फोन से छुट्टी लेना जरूरी हो गया है.

दफ्तर में पूरा दिन कंप्यूटर स्क्रीन के आगे बैठना, घर आते ही टीवी चला देना और जब तक नींद ना आए, तब तक मोबाइल फोन में लगे रहना, यह अधिकतर लोगों की दिनचर्या बन गयी है. हमेशा हर कहीं, मोबाइल फोन पर उपलब्ध रहने की मजबूरी को वियेना की एस्ट्रिड शुरोवेट्ज भी अच्छे से जानती हैं. 38 साल की एस्ट्रिड ऑस्ट्रियाई सर्विस प्रोवाइडर के यहां काम करती हैं और उपभोक्ताओं को सलाह देती हैं. टेलिफोन पर बात करने के साथ साथ वह रोज करीब दो सौ इमेल्स का भी जवाब देती हैं, "मैं पूरे दिन कंप्यूटर पर काम करती हूं. जब घर जाती हूं वहां भी यह चलता रहता है. एकाध राउंड कुत्ते के साथ जाती हूं और फिर लैपटॉप, इमेल चेक करना, फिर वापिस फोरम में कि कहीं कुछ रोचक मिल जाए."

कुछ घंटे बंद ही रखें

एस्ट्रिड शुरोवेट्ज जैसी हालत कई लोगों की है. अंतरराष्ट्रीय टेलीकम्युनिकेशन संघ आईटीयू के मुताबिक दुनिया में कुल तीन अरब लोगों के पास इंटरनेट की सुविधा है. 2014 तक मोबाइल फोन सब्सक्राइबर की संख्या सात अरब होने की संभावना है. तेज विकास के दौर में कोई नहीं सोच सकता कि साठ साल पहले बहुत कम लोगों के पास टेलीफोन कनेक्शन था. सार्वजनिक टेलीफोन बूथ से ही कहीं बात हो सकती थी.

Symbolbild Stress am Arbeitsplatz

फोन और कंप्यूटर दफ्तर के तनाव को और बढ़ा देते हैं.

इस बीच मोबाइल से राहत पाने के लिए एक अभियान सा चल पड़ा है. नीदरलैंड्स के अमस्टरडम में बिना सिगनल वाला जोन बनाया गया है. लंदन में भी डिजिटल दीवानगी का विरोध हो रहा है. मशहूर मॉल सेलफ्रिजस में ग्राहकों के लिए सिगनल फ्री रूम बनाया गया है. तनाव पर शोध करने वाले माजदा अली ऑफलाइन ट्रेंड का स्वागत करते हैं. वह मानते हैं कि मोबाइल टेलीफोन दिन में कुछ घंटे बंद ही रखना चाहिए, "यह अच्छा है, और अहम भी. शरीर को, मन को ताजगी के लिए यह बहुत जरूरी है. कुल मिला कर हम इन्हें ऐसे ही छोड़ सकते हैं, बिना किसी आपदा के."

ऑफलाइन हॉलीडे

एक और संभावना है, प्रकृति के बीचों बीच, ऑफलाइन हॉलीडे. ऑस्ट्रिया में ऑर्गेनिक फार्म हाउस लाउसाबाउअर यही आयडिया ग्राहकों में बेच रहा है. छुट्टी शुरू होने वाले दिन सभी के मोबाइल फोन जमा कर लिए जाते हैं. इस ऑर्गेनिक फार्म को चलाने वाली रेनाटे बाउमन बताती हैं, "हमारा मानना है कि हम और हमारे ग्राहकों को यह पता चलना चाहिए कि वह बिना टेलिफोन के रह सकते हैं. आप खुद को दोबारा जान सकते हैं, अपने बच्चों या अपने साथी या प्रकृति के और करीब आ सकते हैं और तकनीक से आजाद रह सकते हैं, कम से कम कुछ दिनों तक."

Symbolbild Radurlaub

कुछ दिन ऑफलाइन रह कर कुदरत से जुड़ना सेहत के लिए अच्छा है.

हेरबेर्ट और रेनाटे बाउमान ऑर्गेनिक फार्म पर पूरे साल इस तरह की छुट्टियों का आयोजन करते हैं. पर्यटकों की अब भीड़ भी बढ़ रही है. अतिथियों के लिए उन्होंने छोटे घर से बनाए हैं, जो बिना इंटरनेट और टीवी के हैं. एस्ट्रिड शुरोवेट्ज भी इसका मजा ले रही हैं. उन्होंने राइडिंग टूर चुना है, "मैं यहां बाहरी दुनिया से कट जाती हूं और घर के तनाव को भूल जाती हूं. मैं सिर्फ घोड़े, प्रकृति और उस तरफ ध्यान देती हूं जो घोड़ा मुझे दिखाता है. मैं बस आनंद लेती हूं."

राइडिंग टूर दो से तीन घंटे का होता है. ऑफलाइन छुट्टी मनाने वाले एक खास कार्यक्रम में भी शामिल हो सकते हैं. इसमें वे प्रकृति को महसूस करना, सुनना और स्वाद लेना सीख सकते हैं और साथ ही टेलीफोन फ्री जोन की गारंटी भी है. डिजिटल दुनिया से छुट्टी लें तो वाकई छुट्टी का मजा लिया जा सकता है.

रिपोर्ट: आभा मोंढे

संपादन: ईशा भाटिया

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