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खेल

ओवल वनडेः नहीं मिले फिक्सिंग के सबूत

ओवल के मैदान पर 17 सितंबर को इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच हुए तीसरे वनडे मैच में आईसीसी को भ्रष्टाचार के कोई सबूत नहीं मिले हैं. फिलहाल जांच पूरी हो चुकी हैं लेकिन नए सबूत सामने आए तो मामला फिर खोला जा सकता है.

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आईसीसी की गवर्निंग बॉडी ने अपने एक बयान में कहा, "भ्रष्टाचार विरोधी और सुरक्षा यूनिट (एसीएसयू) ने सारी उपलब्ध सूचना को परख लिया है. इससे ऐसे कोई सबूत नहीं मिले है जिनके आधार पर किसी खिलाड़ी या अधिकारी पर शक किया जा सके." आईसीसी ने भ्रष्टाचार विरोधी कदमों की स्वतंत्र रूप से समीक्षा का फैसला भी किया है. साथ ही सभी क्रिकेट बोर्डों से कहा गया है कि वे अपने यहां घरेलू क्रिकेट में भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच शुरू करें.

आईसीसी के बयान के मुताबिक पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) एसीएसयू की तर्ज पर घरेलू स्तर पर भ्रष्टाचार विरोधी आचार संहिता बनाने के लिए राजी हो गया है. बयान में कहा गया है, "पीसीबी को कदम उठाने होंगे और यह दिखाना होगा कि वह खेल में भ्रष्टाचार को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगा. इस सिलसिले में पीसीबी को खिलाड़ियों से जुड़े मामलों की जांच पड़ताल करनी होगी."

ओवल के मैदान पर 17 सितंबर को इंग्लैंड और पाकिस्तान के वनडे मैच पर फिक्सिंग के आरोप लगने के बाद आईसीसी ने यह जांच शुरू की. इस मैच में पाकिस्तान ने इंग्लैंड को 22 रन से हरा दिया. मैच के बाद पीसीबी अध्यक्ष एजाज बट ने इंग्लैंड के खिलाड़ियों पर मैच फिक्सिंग का आरोप लगा दिया. हालांकि बाद में बट अपने बयान से पलट गए.

आईसीसी के अध्यक्ष शरद पवार कहते हैं, "मौजूदा मामले पर टिप्पणी किए बिना हमने इस बात पर जोर दिया है कि क्रिकेट में किसी भी तरह के भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. हम उन लोगों को खेल से बाहर करने के लिए हर संभव कदम उठाएंगे जिनकी वजह से खेल की बदनामी हुई है."

रिपोर्टः एजेंसियां/ए कुमार

संपादनः ओ सिंह

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