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खेल

ओलंपिक में चीन की तैराक ने तोड़ी पीरियड्स पर चुप्पी

लोग अपनी हर समस्या के बारे में बात नहीं करते. ओलंपिक खेल रहे खिलाड़ी भी नहीं. कोई चोट की बात करता है तो कोई तेज हवा की. चीनी तैराक फू युआनहुई ने खराब प्रदर्शन की वह वजह बताई जो महिलाओं के लिए आमतौर पर अत्यंत निजी है.

पीरियड्स की बात करना अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के लिए भी वर्जना रहा है. लेकिन चीन की 20 वर्षीया फू ने 400 मीटर मेडली रिले में खराब प्रदर्शन के बाद बेबाकी दिखाई. प्रतिस्पर्धा के बाद जब मीडिया से बात करने की उनकी बारी आई तो उन्होंने कहा, "मैं अच्छा नहीं तैरी. मैं अपनी टीम की साथियों के लायक नहीं हूं." इस पर एक चीनी टीवी प्रेजेंटर ने पूछा कि क्या पेट के दर्द ने उनके प्रदर्शन को प्रभावित किया है. फू जवाब था, "इसकी वजह यह है कि कल मेरे पीरियड्स शुरू हुए." वाइबो पर फू के 60 लाख फैन हैं और अपने भावों से उदास और रोबोट से दिखने वाले चीनी खिलाड़ियों के विपरीत उन्होंने आधुनिक खिलाड़ियों का नया चेहरा पेश किया है.

ओलंपिक शुरू होने के बाद से ही फू अपनी बेबाक और खुली टिप्पणियों के कारण चीन में सोशल मीडिया स्टार बन गई हैं. इस बार उनकी आसान और इमानदार टिप्पणी तुरंत वायरल हो गई और समर्थनों का तांता लग गया. एक यूजर ने चीनी सोशल मीडिया साइट वाइबो पर लिखा, "जब मेरे पीरियड्स होते हैं, तो कभी कभी मैं न तो चल सकती हूं और न ही सांस ले सकती हूं. और तुम तैर पाईं. ब्रावो." लेकिन 100 मीटर ब्रेस्ट स्ट्रोक में कांस्य पदक जीतने वाली फू के सिर्फ समर्थक ही नहीं हैं, एक यूजर ने लिखा, "सरकार उस पर बहुत सारा पैसा खर्च करती है और वह पीरियड्स की बात कर रही है." एक अन्य यूजर ने लिखा, "तुम्हारी माओं, चाचियों और दादियों सबके पीरियड्स हुए हैं. इसके बारे में 2016 में बात करना स्वाभाविक है.

Rio 2016 China Fu Yuanhui

ओलंपिक में फू युआनहुई

प्रदर्शन पर असर

फू रियो ओलंपिक में पहली खिलाड़ी है जिसने पीरियड होना स्वीकार किया है. दूसरी खिलाड़ी इस बात की आलोचना करती रही हैं कि खेल की दुनिया में पीरियड्स आखिरी वर्जनाओं में से एक है. ब्रिटिश टेनिस खिलाड़ी आनाबेल क्रोफ्ट ने पिछले साल कहा था कि पीरियड्स की समस्याओं के सिलसिले में महिला खिलाड़ी चुपचाप तकलीफ बर्दाश्त करती हैं. जहां तक खेल क्षमता पर पीरियड्स के असर का सवाल है तो चिकित्सकों के बीच इस बात पर सहमति है कि महिला खिलाड़ियों का फॉर्म उनके मेंस्ट्रुअल साइकल पर निर्भर करता है. और ये बात खासकर उन खिलाड़ियों पर लागू होती है जो निरोध के लिए हॉरमोनल टैबलेट नहीं लेते हैं.

अक्सर पीरियड्स शुरू होने से पहले थकान महसूस होती है. इसके लिए प्रोगेस्टोरोन हारमोन जिम्मेदार है. इसकी वजह से शरीर में पानी जमा होता है और छाती खिंच जाती है. जर्मनी की रुअर यूनिवर्सिटी की पेत्रा प्लाटेन के अनुसार करीब 50 फीसदी महिलाएं पीरियड्स के दौरान थकान और पेड़ू में दर्द महसूस करती है. लेकिन उनका यह भी कहना है कि मूवमेंट खिंचाव को कम करने में मदद करता है. मेंस्ट्रुअल साइकल महिला खिलाड़ियों को बेहतरीन प्रदर्शन में मदद भी करता है. अंडोत्सर्ग से ठीक पहले एस्ट्राडियोल हॉरमोन इस बात में मदद करता है कि दबाव की स्थिति में मांसपेशियां बेहतर रिएक्ट करती हैं. ऐसे में ट्रेनिंग का फायदा भी मिलता है.

क्या करें खिलाड़ी

दूसरी ओर खेल महिलाओं की माहवारी को भी प्रभावित करता है. यदि खिलाड़ी बहुत ज्यादा ट्रेनिंग कर रही हैं और शरीर में वसा का अनुपात कम है तो पीरियड्स रुक सकते हैं. डॉक्टर इसे एमेनरिया कहते हैं. प्रभावित खिलाड़ियों के लिए जरूरी होता है कि वे आयरन और कैल्शियम वाला खाना अधिक मात्रा में खाएं. ऐसा नहीं करने से हड्डियां कमजोर पड़ सकती हैं और ऑस्टियोपोरोसिस होने का खतरा हो सकता है.

लेकिन समस्या यह है कि महिला खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धाओं को अपने पीरियड्स के हिसाब से तय नहीं कर सकतीं. ऐसे में उनके लिए हॉरमोन वाला गर्भनिरोधक फायदेमंद होता है. मैराथन रनर इंगालेना हॉयक कहती हैं कि इससे पीरियड्स से जुड़ी तकलीफ कम की जा सकती है और पीरियड्स को पीछे की ओर धकेला जा सकता है. रुअर यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों का कहना है कि खिलाड़ियों को पीरियड्स पीछे धकेलने के बदले आगे की ओर खींचना चाहिए. इससे वे पीरियड्स से पहले होने वाली तकलीफ से बच सकती हैं. लेकिन यह सब कुछ करने से पहले डॉक्टरों से सलाह लेनी ही चाहिए.

महेश झा (एएफपी)

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