ओबामा ने दिया सीरिया में हवाई हमले का आदेश | दुनिया | DW | 11.09.2014
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दुनिया

ओबामा ने दिया सीरिया में हवाई हमले का आदेश

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इस्लामिक स्टेट के खिलाफ अपने अभियान के अंतर्गत पहली बार सीरिया में आतंकवादियों के ठिकानों पर हमला करने और इराक में इन तत्वों पर हमला बढ़ाने का आदेश दिया है.

राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि वह सीरिया के साथ इराक में भी इस्लामिक स्टेट के खिलाफ हमले से संकोच नहीं करेंगे. टेलीविजन पर प्रसारित अपने भाषण में ओबामा ने आईएस के खिलाफ अपनी रणनीति का एलान करते हुए कहा कि जो भी संगठन अमेरिका को धमकी देते हैं उनके लिए दुनिया में कहीं भी सुरक्षित जगह नहीं रहेगी. ओबामा ने अपने संबोधन में कहा कि इस्लामिक स्टेट के चरमपंथी जहां भी होंगे वह उनके खिलाफ अभियान चलाएंगे.

पिछले तीन सालों से सीरिया में जारी गृहयुद्ध के दौरान ओबामा ने पहली बार इस देश के भीतर हवाई हमले का आदेश दिया है और उनका यह आदेश उनकी सरकार की नीति में परिवर्तन का संकेत है.

हवाई हमले का आदेश

ओबामा ने अपने बयान में कहा, "हमारा मकसद साफ है. हम एक विस्तृत और दीर्घकालीन आतंकवादी निरोधक रणनीति के जरिए आईएस को पहले कमजोर करेंगे और फिर नेस्तनाबूत. हम इस्लामिक स्टेट के आतंकवादियों को ढूंढ निकालेंगे चाहे वे कहीं भी छुप जाएं. मुझे सीरिया और इराक में आईएस के खिलाफ कार्रवाई करने में कोई संकोच नहीं होगा. मेरा मूल सिद्धांत यही है कि अगर आप अमेरिका को धमकी देंगे तो आपको कहीं भी पनाह लेने नहीं दिया जाएगा."

ओबामा ने कांग्रेस से सीरिया के विद्रोहियों को प्रशिक्षित करने के लिए 50 करोड़ डॉलर की रकम की मंजूरी की मांग की. ओबामा इराक में चरमपंथियों के और ठिकानों पर हमले की योजना बना रहे हैं. यह स्थान इराक के दूरदराज के इलाकों में हैं जिनका चयन किया जा रहा है. अमेरिका अब तक इराक में 150 हवाई हमले कर चुका है. अब नए ठिकानों पर हमले के लिए चुने जाने वाले स्थानों में इस्लामिक स्टेट के नेताओं के ठिकाने होंगे.

बढ़ेगी सैनिक सलाहकारों की संख्या

ओबामा इराकी सेना की सहायता के लिए 475 और अमेरिकी सेना सलाहकार भेजेंगे. इसे मिलाकर वहां अमेरिकी सैनिक सलाहकारों की संख्या 1600 हो जाएगी. सैनिक सलाहकार वहां युद्ध में भाग नहीं लेगें. ओबामा ने कुछ दिन पहले कहा था कि उनके पास इस्लामिक स्टेट के आतंकवादियों से निपटने के लिए फिलहाल कोई रणनीति नहीं है. इस बयान को लेकर उनकी काफी आलोचना हुई थी जिसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने आईएस के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की घोषणा की है. इस बीच सऊदी अरब ने सीरिया में सक्रिय आतंकवादियों से निपटने में अमेरिका की मदद के लिए अपने देश में सीरिया के स्थानीय लड़ाकों को ट्रेनिंग देने पर सहमति दे दी है.

एए/आईबी (रॉयटर्स,एपी,एएफपी)


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