1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

दुनिया

ओबामा के पाकिस्तान न जाने से खफा मुशर्रफ

पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ इस बात से खफा हैं कि अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा अपने एशियाई दौरे में पाकिस्तान नहीं जा रहे हैं. चार देशों की यात्रा के पहले पड़ाव में ओबामा शनिवार को भारत पहुंच रहे हैं.

default

2008 में राष्ट्रपति पद से हटने वाले मुशर्रफ ने अमेरिकी टीवी चैनल एमएसएनबीसी के साथ बातचीत में कहा, "मुझे इस बात से निराशा हुई है." मुशर्रफ कश्मीर के मुद्दे पर न बोलने के लिए भी ओबामा की आलोचना करते रहे हैं. उनका कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ऐसा करके पाकिस्तान लोगों के साथ ठीक नहीं कर रहे हैं.

ओबामा के पाकिस्तान न जाने पर मुशर्रफ कहते हैं, "लोग यह समझते हैं कि अमेरिका या अमेरिकी राष्ट्रपति को पाकिस्तानी हितों की चिंता नहीं है." ओबामा शनिवार को भारत यात्रा के तहत मुंबई पहुंच रहे हैं. वहां दो दिन ठहरने के बाद वह नई दिल्ली जाएंगे. कारोबार के आलावा ओबामा के एजेंडे में आतंकवाद के खिलाफ दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा. पाकिस्तान पर मुंबई हमलों के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए भी दबाव बढ़ाया जा सकता है.

वैसे मुशर्रफ ही नहीं, अमेरिका में भी बहुत से नीति निर्माताओं के लिए यह बात हैरान करने वाली है कि ओबामा पाकिस्तान नहीं जा रहे हैं. खास कर ऐसे समय में जब अफगानिस्तान में तालिबान के खिलाफ जंग में कोई खास कामयाबी नहीं मिल पा रही है और अब तालिबान से बातचीत की नई रणनीति पर जोर दिया जा रहा है. वैसे ओबामा अपने भारत दौरे का खास मकसद अमेरिकी कंपनियों के लिए बाजार तलाशना बता रहे हैं ताकि अमेरिकी लोगों को नौकरियों के ज्यादा से ज्यादा मौके उपलब्ध कराए जा सकें.

हालांकि ओबामा ने पाकिस्तान को यह कह शांत करने की कोशिश की है कि वह उसे सिर्फ अफगानिस्तान में जारी लड़ाई का एक माध्यम भर नहीं मानते, बल्कि उसकी अहमियत कहीं ज्यादा है. वैसे भारत यात्रा का कार्यक्रम बनाते वक्त ओबामा ने पाकिस्तान के मौजू्दा राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी को व्हाइट हाउस में आमंत्रित किया और घोषणा की कि वह अगले साल पाकिस्तान का दौरा करेंगे.

अमेरिका ने पाकिस्तान में अपने खिलाफ बन रही हवा को शांत करने के लिए हाल ही में 7.5 अरब डॉलर की मदद का भी एलान किया जिसे स्कूल, विकास का बुनियादी ढांचा और घरेलू स्तर पर संस्थानों को खड़ा करने पर खर्च किया जाएगा. पिछले महीने ओबामा प्रशासन ने भारत की चिंताओं के बावजूद पाकिस्तान को दो अरब डॉलर की अतिरिक्त सैन्य मदद देने की भी पेशकश की.

रिपोर्टः एजेंसिंया/ए कुमार

संपादनः वी कुमार

DW.COM

WWW-Links