ओएससीई यूक्रेन में बढ़ाएगा पर्यवेक्षक | दुनिया | DW | 05.12.2014
  1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

दुनिया

ओएससीई यूक्रेन में बढ़ाएगा पर्यवेक्षक

यूरोपीय सुरक्षा और सहयोग संगठन की 40वीं सालगिरह के मौके पर यूक्रेन में शांति स्थापना संगठन की सबसे बड़ी चुनौती है. पर्यवेक्षक मिशन के उप प्रमुख अलेक्जांडर हुग का कहना है कि यूक्रेन में पर्यवेक्षण का काम जोखिम भरा है.

यूरोपीय सुरक्षा और सहयोग संगठन के विदेश मंत्रियों के सम्मेलन में भाग ले रहे रूस के विदेश मंत्री सेर्गेई लावरोव यूक्रेन में संघर्ष विराम के अवसर देखते हैं. दूसरी ओर, यूक्रेन ने रूस समर्थक विद्रोहियों के साथ संघर्ष विराम को लागू करने पर जोर दिया है. उन्होंने आश्वासन के बदले आश्वासन को पूरा करने की मांग की है. यूक्रेन के विदेश मंत्री पाव्लो क्लिमकिन ने कहा है कि मुख्य लक्ष्य रूस के साथ लगी सीमा का नियंत्रण है. यह काम यूरोपीय सुरक्षा और सहयोग संगठन के पर्यवेक्षक कर रहे हैं. डॉयचे वेले ने अलेक्जांडर हुग से बातचीत की.

डॉयचे वेले: पिछले हफ्ते आपके तीन पर्यवेक्षकों पर गोलियां चलाई गई थीं. इसका मतलब क्या यह है कि इस बीच इस विवाद में आप भी निशाने पर हैं?

अलेक्जांडर हुग: ओएससीई का विशेष मिशन विवाद क्षेत्र में चल रहा है. हम जोखिम का अंदाजा लगाने की कोशिश करते हैं, और रोजाना स्थिति का मूल्यांकन करते हैं. इसके आधार पर हम अपनी पेट्रोलिंग पार्टी को भेजते हैं. फिर भी थोड़ा जोखिम तो रहता ही है, जिसे हम पहले से नहीं आंक सकते. फिर भी हम इस जोखिम का सामना ऐसे कदमों से करते हैं ताकि उसे कम से कम किया जा सके. और यदि कोई घटना हो भी तो किसी को नुकसान न पहुंचे.

यूक्रेन मिशन के तहत इस बीच 300 लोग फील्ड में तैनात हैं. अब और क्या होगा, क्या उनकी संख्या बढ़ाई जाएगी?

मिशन के मतादेश में, जो हमें 57 सदस्य देशों द्वारा दिया गया है, तय है कि हम यूक्रेन में 500 तक पर्यवेक्षक तैनात कर सकते हैं. और हम ऐसा करेंगे. हम सावधानी से विस्तार करेंगे और पर्यवेक्षकों की संख्या बढ़ाएंगे.

यह फैसला पिछले हफ्ते लिया गया, साथ ही ताजा खबर आई कि लुगांस्क में संघर्ष विराम हो सकता है. ये दोनों बातें एक साथ कैसे हो सकती है?

जो घटना हमने पिछले हफ्ते देखी वह भावी संघर्ष विराम पर वार्ता से सीधे तौर पर जुड़ी हुई नहीं है. जिस वार्ता की आप बात कर रहे हैं वह वार्ता आगे भी चलती रहेगी. और मिशन की उसमें एक भूमिका है, जो भूमिका पर्यवेक्षण की है, वह संघर्ष विराम के भागीदार की नहीं है. इस पर जोर देना बहुत जरूरी है. यूरोपीय सुरक्षा और सहयोग संगठन अपने आप में संघर्ष विराम की निगरानी नहीं करता, वह संघर्ष विराम और तय की गई संधियों के पालन पर नजर रखता है.

गुरुवार और शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में यूरोपीय सुरक्षा और सहयोग संगठन के देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक हो रही है. इस बैठक के लिए आपका संदेश क्या है?

बैठक में मिशन का प्रतिनिधित्व मिशन प्रमुख राजदूत अपाकान कर रहे हैं. वे स्पष्ट करेंगे कि मिशन बड़े जोखिम उठा रहा है जिसे हम कम करने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन हमें निहत्थे असैनिक पर्यवेक्षक दल के रूप में साफ करना है कि पूर्वी यूक्रेन में हमारी भी सीमाएं हैं.

स्विट्जरलैंड के अलेक्जांडर हुग यूक्रेन में ओएससीई पर्यवेक्षक दल के उप प्रमुख हैं. वे पहले बोस्निया और कोसोवो में काम कर चुके हैं. उसके बाद ओएससीई पहली बार संकट क्षेत्र में तैनात है.

इंटरव्यू: फ्रांक होफमन

संबंधित सामग्री