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दुनिया

ऑस्ट्रेलिया जितने इलाके में प्लेन की तलाश

लापता मलेशियाई विमान की तलाश अब 76.8 लाख वर्ग किलोमीटर के इलाके में की जा रही है. यह ऑस्ट्रेलिया जितना बड़ा इलाका है. उधर लापता यात्रियों के परिजनों ने भूख हड़ताल की धमकी दी है.

मलेशिया के यातायात मंत्री हिशामुद्दीन हुसैन ने बताया, "यह बहुत ही बड़ा इलाका है. इसलिए मुझे खुशी है कि लापता प्लेन की तलाश में इतने सारे देश मदद कर रहे हैं." तलाश दो हिस्सों में बांटी गई है दक्षिणी इलाका जो सुमात्रा के पूर्व से शुरू हो कर हिंद महासागर के दक्षिणी हिस्से तक है और उत्तरी इलाका लाओस से कैस्पियन सागर तक है.

उधर लापता विमान के साथ गुम हुए यात्रियों के परिजन अनिश्चितता से परेशान हैं. वे मलेशियाई अधिकारियों से जवाब चाहते हैं. अपने बेटे का इंतजार कर रहे वेन वानचेंग कहते हैं, "अब हमारे पास कोई खबर नहीं है, सभी चिंतित हैं. परिजन कह रहे हैं कि वो मलेशियाई दूतावास जाएंगे और राजदूत को ढूंढेगे. मलेशियाई राजदूत को यहां होना चाहिए था, पर वो यहां नहीं हैं. रिश्तेदार असंतुष्ट हैं. कई कह रहे हैं कि वो भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे." लापता विमान में सवार 239 यात्रियों में एक तिहाई लोग चीनी थे. बीजिंग सरकार ने सूचना के आदान प्रदान के मामले में मलेशिया की कड़ी आलोचना की है.

न्यू यॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि लापता मलेशियाई प्लेन के कंप्यूटर का प्रोग्राम किसी ने बदल दिया था, शायद कॉकपिट में से किसी ने. अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से अखबार ने कहा है कि इससे जांचकर्ताओं में ये आशंका प्रबल हो रही है कि किसी ने जानबूझकर विमान को मोड़ा. प्लेन का नियंत्रण हाथ में लेने की बजाए जिसने भी ये किया, उसने उड़ान 370 के उस कंप्यूटर में सात या आठ ऐसे बटन दबाए जिससे प्लेन मुड़ गया.

फ्लाइट मैनेजमेंट सिस्टम नाम का ये कंप्यूटर कप्तान और सह कप्तान की सीट के बीच होता है. इसी से प्लेन एक बिंदू से किसी तय बिंदू तक जाता है. फ्लाइट की उड़ान का मार्ग पहले ही तय कर लिया जाता है. अभी ये साफ नहीं है कि उड़ान को टेक ऑफ के पहले रिप्रोग्राम किया गया या बाद में. अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक फ्लाइट मैनेजमेंट सिस्टम में किए गए बदलावों की रिपोर्ट की गई थी. इसका मतलब है कि विमान का सिस्टम बंद करने से पहले ही रिप्रोग्रामिंग कर दी गई थी. इसी समय रेडियो संपर्क टूटा और प्लेन का ट्रांसपॉन्डर भी बंद कर दिया गया. इससे ये संदेह प्रबल होता है कि विमान के लापता होने में कोई षडयंत्र है.

जांचकर्ता पायलटों पर भी ध्यान दे रहे हैं क्योंकि रिप्रोग्रामिंग में जिस तरह की जानकारी चाहिए होती है, वह पायलट जैसे ही किसी व्यक्ति को पता हो सकती है. पायलटों के घर की जांच के दौरान मुख्य पायलेट के घर से फ्लाइट सिमुलेटर भी बरामद हुआ, जो उन्होंने खुद बनाया था. सामान्य तौर पर कई सौ रास्ते दिखाने वाले इस सिमुलेटर में मालदीव, श्रीलंका, डिएगो गार्सिया और दक्षिण भारत के रनवे शामिल थे. कुछ अमेरिकी और यूरोपीय रनवे भी इस सिमुलेटर में देखे जा सकते थे.

एएम/एमजे (एएफपी, रॉयटर्स, डीपीए)

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