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विज्ञान

ऑस्ट्रेलियाः ग्रेट बैरियर रीफ खतरे में

ऑस्ट्रेलिया की बाढ़ के कारण जहरीली खाद से भरा पानी दुनिया की सबसे बड़ी कोरल रीफ को प्रदूषित कर रहा है. इस कारण संवेदनशील प्रवाल भित्ती को भारी खतरा पैदा हो गया है. पर्यावरणविदों ने दी चेतावनी.

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क्वींसलैंड की फिट्जरॉय और ब्रुनेट नदियों से आ रहे बाढ़ के पानी से कोरल रीफ का पानी गंदला हो गया है. यह पानी केपल आइसलैंड तक फैल गया है जो कि ग्रेट बैरियर रीफ का दक्षिणी कोना है. वर्ल्ड वाइल्ड लाइफ फंड का कहना है, "खेतों और शहरों से आए बाढ़ के प्रदूषित पानी का ग्रेट बैरियर के मूंगों और प्रवालों पर खतरनाक असर पड़ेगा. इसका असर समुद्री स्तनपायी जानवर डुगॉंग, कछुओं और बाकी समुद्री प्राणियों पर भी होगा."

ग्रेट बैरियर रीफ समुद्री पार्क की देखभाल करने वाली अथॉरिटी का कहना है कि गाद, मीठा पानी, पोषक पदार्थ और ज्यादा तापमान शैवालों, प्रवालों और मूंगों को खत्म कर सकता है. ग्रेट बैरियर रीफ पार्क का 3 लाख 45 हजार वर्ग किलोमीटर का हिस्सा पार्क अधिकारी देखते हैं.

Australien: Great Barrier Reef

कई हजार किलोमीटर लंबी सुंदर प्रवाल भित्ती

समुद्र विज्ञान के जानकारों को आशंका है कि दक्षिणी और मध्य क्वींसलैंड में आई बाढ़ के पानी से कोरल रीफ में ब्लीचिंग देखी जा सकती है. पार्क के महाप्रबंधक एंड्रयू स्कीट्स का कहना है, "कोरल रीफ के लिए बाढ़ कोई अच्छी खबर नहीं है. ब्लीचिंग तब होती है जब प्रवालों शैवालों में पाए जाने वाले रंगीन जीव मरने लगते हैं. इनके मरने का कारण अधिकतर बहुत ज्यादा तापमान और जहर होता है. इनके मरने से रीफ की सफेद दीवारें ही रह जाती हैं."

क्वींसलैंड में आई बाढ़ आधी सदी की सबसे भयावह बाढ़ है. इस कारण क्वींसलैंड के मुख्य उद्योग कोयला खनन को 20 अरब डॉलर का नुकसान उठाना पड़ा है. यही नहीं इसी कारण विश्व बाजार में कोयले की कीमतें भी आसमान छू रही हैं. डबल्यूडबल्यूएफ ने बताया कि ग्रेट बैरियर रीफ को नुकसान बहुत ज्यादा हो सकता है क्योंकि बाढ़ बहुत ज्यादा, गंदी और पेड़ों के कटने, ज्यादा फसल उत्पादन और मिट्टी के संघनन के कारण खतरनाक हो गई है.

Great Barrier Reef

रीफ की ब्लीचिंग का खतरा

जानकारों का मानना है कि रीफ लौट आएंगी लेकिन यह निर्भर करता है कि शैवालों का लचीलापन कितना है. हो सकता है कि इसे सामान्य होने में कम से कम 100 साल लगें. स्कीट्स ने जानकारी दी कि कोरल रीफ का सबसे ज्यादा प्रभावित इलाका फिलहाल दक्षिणी हिस्सा है और बहुत छोटा है. वह कहते हैं, "अगर मौसम ने साथ दिया तो इसका प्रभाव बहुत छोटे हिस्से पर पड़ेगा. कुछ प्रजातियां ऐसी हैं जो स्थितियों के हिसाब से खुद को ढाल लेती हैं जैसे बारामुंडी मछली और झींगा मछली."

ग्रेट बैरियर रीफ दुनिया भर में लोकप्रिय है और इसे वैश्विक धरोहर के अंतर्गत रखा गया है. ऑस्ट्रेलिया को ग्रेट बैरियर रीफ के कारण 5.4 अरब ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की आय होती है.

रिपोर्टः रॉयटर्स/आभा एम

संपादनः वी कुमार

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