1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

जर्मन चुनाव

ऑनर किलिंग मामले में तीन को उम्र कैद

ऑनर किलिंग के एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने तीन लोगों को उम्र कैद की सजा सुनाई है. 20 साल पुराना मामला होने से बचे मौत की सजा पाने से. एक ही परिवार के छह लोगों को कथित इज्जत की खातिर गोली से उड़ा दिया गया था.

default

सुप्रीम कोर्ट ने मास्टर कृष्णा, रामसेवक और किशोरी को मौत की सजा देने से परहेज बरता क्योंकि मामला करीब 20 साल पुराना है. "यह मानने में कोई शक नहीं कि इज्जत के लिए छह लोगों के परिवार को पूरी तरह मौत की नींद सुला देना गंभीरतम अपराधों की श्रेणी में आता है इसलिए आरोपी पक्ष की ओर से उम्र कैद के आरोप बिलकुल सही हैं."

यह घटना 20 साल पहले की है और हाई कोर्ट ने आरोपियों को 12 अप्रैल 2002 को बरी कर दिया था. गुलजारी परिवार के छह सदस्यों--उनकी पत्नी रामवती, भाई बाबूराम और उनके तीन बच्चों रमेश, उमेश और धर्मेंद्र की कृष्णा और उसके दो साथियों ने उत्तर प्रदेश के फर्रूखाबद जिले में जान ले ली.

Frauenhaus in Pakistan

गुलजारी का बेटा मदन और उनके पड़ोंसी झाबूलाल भी इस मामले में गवाह के रूप में पेश हुए. कृष्णा की बेटी सोनात्रा झाबूलाल के बेटे अमर सिंह के साथ भाग गई थी. इससे नाराज तीनों ने गुलजारी के परिवार की हत्या कर दी क्योंकि उन्हें शक था कि रामवती ने उन्हें ट्रेन पर चढ़ने में मदद दी.

कोर्ट का कहना है कि आठ साल पहले बरी हो जाना और फिर उन्हें मौत की सजा देना सही नहीं रहेगा. इसीलिए उन्हें उम्रकैद की सजा दी गई है.

रिपोर्ट: एजेंसियां/एस गौड़

संपादन: आभा एम