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मंथन

ऐप पर होगी आपकी स्टाइलिंग

जिमोन ग्रूनर्ट पेशे से प्रोजेक्ट मैनेजर हैं. दो मीटिंग्स के बीच में वे अपनी स्टाइलिंग के लिए थोड़ा वक्त निकाल लेते हैं. उनका स्टाइलिंग सेशन व्हॉट्स ऐप पर होता है.

उनके पास इसकी वजह भी है, "यह ज्यादा पर्सनल है. चैट के जरिये आप खुद को ज्यादा जुड़ा हुआ महसूस करते हैं. ईमेल में तो जवाब आने में एक दो दिन का वक्त लग जाता है और इंतजार करना पड़ता है."

चैट पर ही फैशन के टिप्स. बर्लिन की स्टार्ट अप कंपनी आउट-फिटरी बीते अगस्त से यह सर्विस दे रही है. दिन रात आपका पर्सनल स्टाइलिस्ट व्हॉट्स ऐप के जरिये आप से जुड़ा रहता है. बिजनेस मॉडल यह है कि स्टाइलिस्ट अपने कस्टमर के मुताबिक उसकी पसंद के कपड़े ढूंढें. कंपनी के पास दो लाख कस्टमर हैं, ये सब पुरुष हैं और उन्हें उनके मनपसंद कपड़े पार्सल से भिजवाए जाते हैं.

आउट फिटरी कंपनी की सीईओ यूलिया बोएश को स्टाइल चैट का आइडिया आया. यूरोप में उनके साठ फीसदी ग्राहक व्हॉट्स ऐप का इस्तेमाल करते हैं. ग्राहकों से जुड़े रहने का यह एक अच्छा जरिया है. बोएश कहती हैं, "ऐसा कभी भी नहीं हुआ कि हमने एक आउट-फिटरी बॉक्स दो लोगों को भेजा हो. यह कस्टमाइज्ड है, हर किसी के लिए अलग. और उसी तरह से व्हॉट्स ऐप पर होने वाली बातचीत भी. इस तरह की सीधी बातचीत हमारे लिए भी दिलचस्प होती है."

मेसेजिंग ऐप्स के बढ़ते कदम

लेकिन एशियाई बाजार के मुकाबले यूरोप अभी भी बहुत पीछे है. चीन के मेसेजिंग ऐप वी-चैट और जापान के लाइन को कुल मिला कर सवा अरब से भी ज्यादा लोग इस्तेमाल करते हैं. और यहां केवल टेक्स्ट और तस्वीरें ही नहीं, वीडियो चैट भी मुमकिन है. स्टिकर्स और इमोटिकॉन्स की दीवानगी ऐसी कि कंपनियां इनसे अरबों कमा रही हैं. जापान की कंपनी लाइन अगले तीन साल में अपने सौ नए स्टोर खोलना चाहती है. यह एक ऐसा विकास है जिस पर गूगल की भी नजर है.

अमेरिका की यह कंपनी अपना नया मेसेजिंग ऐप लाने वाली है. पूर्णिमा कोचिकर इस प्रोजेक्ट को लीड कर रही हैं, "भविष्य में मेसेजिंग सर्विस वो जगह बन जाएगी, जहां लोग दिलचस्प चीजें ढूंढ सकेंगे. मेसेजिंग की कई किस्में उभर कर सामने आ रही हैं. बड़े ब्रैंड्स अब मेसेजिंग की मदद से अपने ग्राहकों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं."

दुनिया भर में मेसेजिंग ऐप्स की संख्या बढ़ती जा रही है और उनके फंक्शन भी बढ़ रहे हैं. तो क्या भविष्य में ये फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म्स को भी पछाड़ देंगे? कोचिकर कहती हैं, "सोशल मीडिया और सोशल ऐप्स एक तरह के संवाद के लिए इस्तेमाल होंगे और मेसेंजर अलग तरह के संवाद के लिए. मुझे लगता है कि वे एक साथ रहेंगे, एक दूसरे को बढ़ावा देंगे और एक दूसरे से जुड़े रहेंगे."

इंटेलिजेंट अलमारी का ख्वाब

आउट फिटरी में फिलहाल ग्राहकों के साथ टेक्स्ट और तस्वीरों के माध्यम से ही संपर्क रखा जाता है. लेकिन संभावनाएं और भी हैं. यूलिया बोएश के मुताबिक, "हम लोगों की अलमारी के भीतर झांकना चाहते हैं. हम इंटेलिजेंट अलमारियों के बारे में सोच रहे हैं. अगर हम व्हॉट्स ऐप या और किसी भी तरीके से अपने ग्राहकों की अलमारियों से जुड़ सकें और हमें यह जानकारी मिल सके कि अंदर क्या क्या है, तो हमें इससे बहुत मदद मिल सकेगी."

इस तरह की योजना को अमल में लाने में तो अभी वक्त लगेगा लेकिन जिस तरह से मेसेजिंग ऐप डेवेलप हो रहे हैं, कोई हैरानी नहीं अगर आने वाले वक्त में आपका ऐप ही आपका पर्सनल स्टायलिस्ट हो, वही आपके घर तक सामान के डिलिवरी भी कराए.

हेंड्रिक वेलिंग/आईबी

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