1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

दुनिया

एस्तोनिया के प्रधानमंत्री का इस्तीफा

यूरोपीय संघ में सबसे लंबे अर्से तक प्रधानमंत्री की कुर्सी संभालने वाले एस्तोनिया के प्रधानमंत्री आंद्रुस अंसिप ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. अंसिप की कोशिश अपनी पार्टी को चुनावों में मजबूत बनाने की है.

default

आंद्रुस अंसिप

आंद्रुस अंसिप 9 साल तक एस्तोनिया के प्रधानमंत्री रहे. पिछले महीने उन्होंने पद से हटने का ऐलान किया था. एस्तोनिया के राष्ट्रपति के पास नए प्रधानमंत्री को नियुक्त करने के लिए दो हफ्ते हैं. एस्तोनिया बाल्टिक सागर में स्थित एक छोटा देश है जिसकी कुल आबादी 13 लाख है.

जानकारों का मानना है कि अंसिप की आकांक्षा यूरोपीय संघ में जाने की है जिसके लिए चुनाव मई में होने हैं. इसके अलावा घटती लोकप्रियता भी इस्तीफे की एक वजह बताई जा रही है. समाजशास्त्री योहान किविराक के मुताबिक, "उनकी सुधारवादी पार्टी को अगले साल होने वाले चुनाव में सफलता पाने के लिए लोकप्रियता बढ़ानी है." मौजूदा सरकार के लिए ऐसा कर पाना मुश्किल था.

Siim Kallas EU Kommissar Verkehr Flugverbot Vulkan

सीम कालास

एक सर्वे के मुताबिक मई 2007 में पार्टी को 45 फीसदी समर्थन था जो कि इस साल फरवरी में घटकर 21 फीसदी ही रह गया. रविवार को पार्टी ने आधिकारिक तौर पर सीम कालास का नाम प्रधानमंत्री पद के लिए एलान किया. 2002 से 2003 तक वे एस्तोनिया के प्रधानमंत्री रह चुके हैं. फिलहाल कालास यूरोपीय संघ के परिवहन कमिश्नर हैं. साइक्लिस्ट और क्रॉस कंट्री स्कीइर अंसिप मार्च 2005 में सत्ता में तब आए जब उस वक्त के प्रधानमंत्री ने अविश्वास मत के बाद इस्तीफा दे दिया था.

उसके दो वर्ष बाद हुए चुनाव में अंसिप की प्रधानमंत्री पद पर फिर से पुष्टि हुई. साल 2011 में भी वे दोबारा इस पद के लिए चुने गए थे. 2008 और 2009 की आर्थिक मंदी से देश को निकालने के लिए अंसिप ने कड़े बचत कार्यक्रम लागू किए. वैश्विक वित्तीय संकट का असर एस्तोनिया पर जबरदस्त पड़ा था. इसी के बाद 2011 में एस्तोनिया यूरोजोन का सदस्य बना.

अंसिप की सुधारवादी पार्टी एस्तोनिया की संसद में सबसे बड़ी पार्टी है. 101 में से 33 सीटें इस पार्टी के पास है. यह पार्टी और दो दलों के साथ मिलकर देश में गठबंधन सरकार चला रही है. नए प्रधानमंत्री के पास कैबिनेट के गठन और संसद से उसकी मंजूरी के लिए 14 दिन मिलेंगे.

एए/एमजे (डीपीए)

DW.COM