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मनोरंजन

एसएमएस और ईमेल पर भारी पड़ा क्रिसमस कार्ड

जर्मनी में क्रिसमस पारिवारिक और सामाजिक त्योहार है जिसे लगभग हर कोई मनाता है. इस मौके पर भेजे जाने वाले शुभकामना संदेशों का आधा से ज्यादा हिस्सा अभी भी पहले की ही तरह डाक से भेजा जा रहा है.

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आधुनिक तकनीकी ने आम जीवन को भले ही बदल दिया हो, लेकिन परंपरागत क्रिसमस से जुड़ा शुभकामना कार्ड भेजने की परंपरा भी बनी हुई है. ईमेल, एसएमएस और सोशल नेटवर्क ने नए संबंध भले ही पैदा किए हों, लेकिन जर्मनी की आबादी का बड़ा हिस्सा अभी भी क्रिसमस परंपरात तरीके से मना रहा है.

समाचार पत्रिका फोकस द्वारा किए गए एक सर्वे के अनुसार सिर्फ दो फीसदी जर्मन क्रिसमस नहीं मनाते. 89 फीसदी यह त्योहार परिवार के साथ मनाता है, 68 फीसदी माता-पिता और बच्चों के साथ छोटे सर्किल में और तीन फीसदी दोस्तों के साथ. भविष्य पर शोध करने वाले प्रो हॉर्स्ट ओपाशोव्स्की का कहना है कि पिछले पांच सालों में जर्मनी में परिवार का महत्व फिर से बड़ रहा है. अमेरिका पर आतंकी हमले से शुरू हुआ यह ट्रेंड आर्थिक और वित्तीय संकट के कारण और मजबूत हुआ है. परिवार एकमात्र भरोसेमंद संस्थान रह गया है.

आईटी संस्था बिटकॉम द्वारा जारी किए गए एक अन्य सर्वे के अनुसार 75 फीसदी लोग इस बार भी अपने दोस्तों, रिश्तेदारों और परिचितों को क्रिसमस के मौके पर टेलिफोन करेंगे. हर दूसरा कार्ड और चिट्ठी भेजने की योजना बना रहा है, जबकि शुभकामना संदेश भेजने के लिए ईमेल का इस्तेमाल करने की 26 फीसदी लोग सोच रहे हैं. 20 फीसदी शुभकामना संदेश भेजने के लिए एसएमएस का इस्तेमाल करेंगे और 11 फीसदी वेब एंट्री या ब्लॉग के जरिए शुभकामना संदेश भेजेंगे.

बिटकॉम के प्रमुख ऑगुस्ट विल्हेल्म शेअर इस सर्वे पर कहा है कि मेल, एसएमएस और इंटरनेट शुभकामना संदेश भेजने के पुराने तरीकों में इजाफा कर रहे हैं, उन्हें दबा नहीं रहे हैं. पिछले सालों की तुलना में कार्ड लिखने वालों की संख्या कम नहीं हुई है. डाक और कार्ड का कारोबार बना हुआ है.

सर्वे में एक और मजेदार बात सामने आई है. महिलाएं पुरुषों के मुकाबले ज्यादा कार्ड और चिट्ठी लिखती हैं, पुरुष आम तौर पर टेलिफोन का सहारा लेते हैं या फिर एसएमएस या ईमेल से झट शुभकामना संदेश भेज देते हैं. टीनएजर इसके लिए आम तौर पर सोशल नेटवर्किंग साइटों का इस्तेमाल कर रहे हैं.

रिपोर्ट: एजेंसियां/महेश झा

संपादन: ओ सिंह

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