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खेल

एशियाड में क्रिकेट का वजूद खतरे में

एशियाई क्रिकेट बोर्डों के प्रमुख इस खेल को बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं. लेकिन क्रिकेट हार सकता है और अगर ऐसा होता है तो इसकी एक वजह सबसे बड़ी क्रिकेट-शक्ति भारत हो सकता है.

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ग्वांगजो में शुक्रवार से शुरू हुए एशियाई खेलों में पहली बार क्रिकेट को शामिल किया गया है. लेकिन इसकी छवि को बड़ा धक्का पहुंचा जब क्रिकेट की सबसे बड़ी ताकत भारत ने ही एशियाड में अपनी टीम नहीं भेजी. अब 2014 के इंचियॉन एशियाड में क्रिकेट को शामिल करने पर सवाल खड़े हो रहे हैं. दक्षिण कोरियाई अधिकारी मानते हैं कि इस खेल के आयोजन का खर्च बहुत ज्यादा है. और फिर दक्षिण कोरिया जैसे देश में क्रिकेट को जानने वाले लोग भी इतने कम हैं कि वहां के अधिकारी इस खेल को आयोजित करने का औचित्य नहीं तलाश पा रहे हैं.

हालांकि एशियन क्रिकेट काउंसिल क्रिकेट (एसीसी) को हटाए जाने की बात से सहमत नहीं है. काउंसिल के प्रवक्ता शहरयार खान ने कहा, "अभी से कहना कि क्रिकेट एशियाड का हिस्सा नहीं होगा, बहुत रूखापन दिखाता है. हमने अब तक खेल को आयोजित न कराने के बारे में कुछ नहीं सुना है. हां दक्षिण कोरिया खर्च और सुविधाओं को लेकर चिंतित है क्योंकि वे क्रिकेट के बारे में कुछ नहीं जानते. लेकिन हमने चीन को भी धन और सुविधाओं से मदद की ताकि वहां क्रिकेट को जगह मिल सके. हम ऐसा ही दक्षिण कोरिया में भी करने को तैयार हैं."

हालांकि गुरुवार को 2014 एशियाड के लिए प्रस्तावित खेलों की सूची में क्रिकेट को शामिल नहीं किया गया है. ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया ने पिछले साल यह तय किया था कि अब एशियाड में 35 खेल ही शामिल किए जाएंगे. इनमें से 28 ओलंपिक खेल होंगे और सात क्षेत्रीय. दक्षिण कोरिया बेसबॉल, बॉलिंग, कबड्डी, सेपाकताकरॉ, सॉफ्टबॉल, स्क्वॉश और वूशू को क्षेत्रीय खेलों के तौर पर शामिल करना चाहता है. इस बारे में फैसला शनिवार को होना है.

एसीसी के चीफ एग्जेक्यूटिव अशर्फुल हक ने कोरियाई आयोजकों को खत लिखकर क्रिकेट को शामिल करने की गुजारिश की है. लेकिन सवाल यह है कि दुनिया का सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड क्षेत्र में खेल के प्रमोशन को लेकर कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहा है.

रिपोर्टः एजेंसियां/वी कुमार

संपादनः ए कुमार

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