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दुनिया

एर्दोवान ने अमेरिका पर जड़ा आईएस के समर्थन का आरोप

तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तय्यप एर्दोवान ने अमेरिका के नेतृत्व वाले पश्चिमी गठबंधन पर सीरिया में कट्टरपंथी आईएस सहित कई आतंकी गुटों का समर्थन करने का आरोप लगाया है. अमेरिका ने इन आरोपों को हास्यास्पद बताया है.

तुर्की राष्ट्रपति एर्दोवान ने कहा कि पश्चिमी देश सीरिया में वायदों को तोड़ रहे हैं और आतंकी गुटों का समर्थन कर रहे हैं. इस साल अगस्त में अंकारा समर्थक विद्रोहियों की मदद के लिए शुरू की गई तुर्क सेना की कार्रवाई के बाद से 37 तुर्क सैनिकों की मौत हुई है. तुर्क सेना आईएस जिहादियों के हाथ से अल बाब शहर को अपने कब्जे में लेने की कोशिश कर रही है, लेकिन उसका कहना है कि कट्टरपंथियों के खिलाफ कार्रवाई में उसे अमेरिकी नेतृत्व वाले गठबंधन का समर्थन नहीं मिल रहा है. एर्दोवान ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस मे कहा, "गठबंधन की सेनाएं दुर्भाग्य से अपना वायदा नहीं निभा रही हैं." उन्होंने कहा कि तुर्की सीरिया में सैनिक कार्रवाई जारी रखेगा.

तुर्की की सीमा से 25 किलोमीटर अंदर स्थित अल बाब शहर को नियंत्रण में लेने के अभियान में तुर्क सेना को भारी प्रतिरोध का सामना करना पड़ रहा है. एर्दोवान की शिकायत है कि तुर्की की मदद करने के बदले उसके नाटो के साथी कुर्द संगठन वाईपीजी और पीवाईडी के अलावा आईएस के लड़ाकों की मदद कर रहे हैं. कुर्द संगठन सीरिया में अमेरिका के साथ सहयोग कर रहे हैं. एर्दोवान ने साफ साफ कहा, "वे आतंकी गुटों को समर्थन दे रहे हैं, वाईपीजी, पीवाईडी और दाएश को भी." दाएश नाम अरबी में आईएस के लिए इस्तेमाल किया जाता है. एर्दोवान ने कहा कि तुर्की तस्वीरों और वीडियो में इसके सबूत दे सकता है.

तुर्की के राष्ट्रपति ने ऐसा ही दावा पिछले साल नवंबर में अपने पाकिस्तान के दौरे पर किया था और कहा था कि "पश्चिमी देश इस समय दाएश के साथ खड़े हैं" और उसके हथियार पश्चिम में बने हैं. अल बाब पर कब्जे के अभियान में जीत का भरोसा जताते हुए तुर्क नेता ने कहा कि "अब हमने दाएश को अल बाब में चारों तरफ से घेर लिया है, हां हमारे सैनिक शहीद हुए हैं, लेकिन अब कोई वापसी नहीं होगी."

एर्दोवान ने कहा कि तुर्की रूस के साथ मिलकर सीरिया में विवाद में लिप्त पक्षों को कजाख राजधानी में होने वाली शांति वार्ता में एक मेज पर लाएगा. उन्होंने कहा कि आतंकी गुटों को वार्ता में शामिल नहीं किया जाना चाहिए, लेकिन तुर्की सऊदी अरब और कतर की हिस्सेदारी देखना चाहता है. रूसी विदेश मंत्रालय ने भी कहा है कि संभावित शांति वार्ता से पहले सीरिया की सरकार विपक्ष के साथ परामर्श कर रही है.

अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने सीरिया में आतंकी गुटों के समर्थन के तुर्क राष्ट्रपति के आरोपों को हास्यास्पद बताया है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मार्क टोनर ने कहा है कि इस तरह के आरोपों का कोई आधार नहीं है.

एमजे/आरपी (एएफपी, रॉयटर्स)

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