1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

मंथन

एयरबस का शहद

एयरबस, क्या आपने एयरबस कंपनी का शहद खाया है. सुनने में भले ही अजीब लगे लेकिन दुनिया की प्रमुख विमान निर्माता कंपनी मधुमक्खियां भी पालती है. ये आस पास के इलाके में पर्यावरण में हो रहे बदलावों की सटीक जानकारी देती हैं.

हैम्बर्ग एयरपोर्ट में टैक्सी वे के आखिरी छोर पर रहने वाली मधुमक्खियां सिर्फ शहद ही नहीं देती, बल्कि वो विमानों से पर्यावरण पर हो रहे असर को भी बताती हैं. इसे बायोमॉनीटरिंग कहा जाता है.

यूरोप की विमान निर्माता कंपनी एयरबस के पर्यावरण संरक्षण अधिकारी फोल्कर हाजे कहते हैं, "हमें साइट मैनेजमेंट का पूरा सपोर्ट रहता है क्योंकि वे जानते हैं कि पर्यावरण एयरबस के लिए कितना अहम मुद्दा है. ये मधुमक्खियां प्रकृति पर हमारे असर का पता करने में अहम भूमिका निभाती हैं."

एबरहार्ड शेडलिष पहले एयरबस के इलेक्ट्रिशियन थे, अब वे मधुमक्खियों की देखभाल करते हैं. छत्तों से मिलने वाले पराग, मोम और शहद की हर साल लैब में जांच की जाती है. फिलहाल एयरपोर्ट की मधुमक्खियों को कोई परेशानी नहीं.

शेडलिष नतीजों से उत्साहित हैं, "मैं अच्छी किस्मत कहूंगा क्योंकि हम हमेशा, पिछले साल भी पराग के मामले में कानूनी सीमा में रहे."

शहद की क्वालिटी से आस पास, प्रकृति में हो रहे बदलावों का पता चलता है. हैम्बर्ग एयरपोर्ट फिलहाल काफी साथ सुथरा है. यानी ग्राहक और एयरबस कर्मचारी एयरपोर्ट से आने वाले 600 बोतल शहद का आनंद बेझिझक उठा सकते हैं.

बेन्यामिन आइसेल/ओएसजे

DW.COM