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विज्ञान

एमईआरएस टीके की उम्मीद

वैज्ञानिकों का दावा है कि उन्हें मानव शरीर में ऐसी प्राकृतिक एंटीबॉडी का पता चला है जिससे एमईआरएस वायरस से लड़ा जा सकता है. सऊदी अरब में फैला यह वायरस पिछले कुछ हफ्तों में बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है.

किसी भी बाहरी जीवाणु के शरीर में पहुंचने पर शरीर की रोग प्रतिरोधी क्षमता उससे लड़ने के लिए एंटीबॉडी पैदा करती है. ये एंटीबॉडी बीमारी को फैलने से रोकती हैं. वैज्ञानिकों का दावा है कि उन्हें मानव शरीर में ऐसे प्राकृतिक एंटीबॉडी का पता चला है जिससे एमईआरएस वायरस से निपटने में मदद मिल सकती है. इस रिसर्च से एमईआरएस के खिलाफ टीका विकसित करने की उम्मीद जगी है. अब तक इस वायरस के लिए कोई टीका विकसित नहीं किया जा सका है.

मिडल ईस्ट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम वारयस के बारे में पहली बार 2012 में पता चला था. इससे संक्रमण के बढ़ रहे मामलों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता पैदा कर दी है. पिछले कुछ हफ्तों में मामलों में हुई बढ़ोतरी सऊदी अरब के लिए चुनौती की तरह खड़ी है.

इस हफ्ते सऊदी अरब ने 26 नए मामलों की पुष्टि की. सामने आए कुल 399 मामलों में से 102 मरीजों की इस वायरस के कारण मौत हो गई. श्वास संबंधी इस बीमारी में खांसी, बुखार, सांस लेने में परेशानी जैसी तकलीफें सामने आती हैं जो आगे बिगड़ने पर निमोनिया या गुर्दे खराब होने की भी सूरत ले सकती है.

इस हफ्ते विज्ञान की दो पत्रिकाओं में छपी रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका, चीन और हांगकांग के वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि उन्हें बेअसर करने वाले एंटीबॉडी का पता चला है जो इस वायरस को रिसेप्टर यानि अभिग्राहक से संपर्क नहीं बनाने देतीं. इस एंटीबॉडी की मौजूदगी में एमईआरएस वायरस शरीर को बीमार नहीं कर सकता.

आम एंटीबॉडी बाहरी वायरस या बैक्टीरिया को शरीर में ढूंढ निकालते हैं. जबकि बेअसर करने वाले एंटीबॉडी न केवल इन बाहरी जीवाणुओं को पहचान लेते हैं बल्कि उन्हें शरीर को संक्रमित करने से भी रोकते हैं. साइंस इंटरनेशनल मेडिसिन पत्रिका में प्रकाशित एक रिपोर्ट में चीन के वैज्ञानिकों की टीम ने कहा है कि उन्हें एमईआरएस-4 और एमईआरएस-27, दो एंटीबॉडी मिले हैं. ये एंटीबॉडी प्रयोग के दौरान लैब डिश में कोशिका को एमईआरएस वायरस से संक्रमित होने से बचाने में कामयाब रहे.

वैज्ञानिकों का दावा है कि अगर इन दोनों का एक साथ इस्तेमाल किया जाए तो एमईआरएस के खिलाफ लड़ाई में जीत हासिल की जा सकती है. प्रोसिडिंग्स ऑफ नेशनल एकैडमी ऑफ साइंस पत्रिका में छपी एक अन्य रिपोर्ट में अमेरिकी टीम ने दावा किया है कि उनके सामने आई सात एंटीबॉडी एमईआरएस वायरस से निपटने में कामयाबी की राह दिखाती हैं.

एमईआरएस के अब तक सामने आए ज्यादातर मामले सऊदी अरब में पाए गए हैं. लेकिन ब्रिटेन, ग्रीस, फ्रांस, इटली, मलेशिया और कुछ अन्य देशों से भी छिटपुट मामलों की खबरों ने अंतरराष्ट्रीय चिंता को जन्म दिया है. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी कहा है कि सऊदी अरब में एमईआरएस के मामलों में लगातार हो रही वृद्धि चिंता का विषय है. संगठन ने इस हफ्ते अपनी एक जांच टीम सऊदी अरब भेजने की भी बात कही है.

एसएफ/एमजे (रॉयटर्स)

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