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मनोरंजन

एप्पल प्रमुख की सैलरी एक डॉलर, पर कैसे

एप्पल के सीईओ स्टीव जॉब्स का वेतन सिर्फ एक डॉलर है लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वे बेहद गरीब शख्स हैं. उनके पास सैकड़ों अरब के तो शेयर हैं और वह सिर्फ अपने निजी बोइंग विमान से सफर करते हैं, जिसका खर्चा उनकी कंपनी देती है.

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करीब 14 साल पहले एप्पल से दोबारा जुड़ने वाले स्टीव जॉब्स पिछले तीन साल से वेतन नहीं ले रहे हैं. वह एक डॉलर का सांकेतिक वेतन लेते हैं, जिसकी वजह से उन्हें आय कर के चक्कर में नहीं पड़ना पड़ता है. लेकिन उनके हाथ में कंपनी के 55 लाख शेयर हैं, जिनकी कीमत दो अरब डॉलर (करीब 100 अरब रुपये) के आस पास है. पिछले साल कंपनी के शेयरों में 50 फीसदी का इजाफा हुआ है.

सैलरी के अलावा जॉब्स किसी तरह का बोनस भी नहीं लेते. अलबत्ता अपने निजी विमान से सफर करते हैं, जिसका खर्च कंपनी उठाती है. पिछले साल एप्पल ने उनके विमान खर्च के रूप में 2,48,000 डॉलर अदा किए, जो करीब सवा एक करोड़ रुपये बनते हैं. जब करोड़ रुपये का यात्रा भत्ता मिल सकता है, तो जाहिर है कई दूसरे खर्चों की भरपाई भी एप्पल कंपनी ही करती होगी.

लेकिन स्टीव जॉब्स शायद इसके हकदार भी हैं. उनकी अगुवाई में एप्पल ने शानदार कामयाबी हासिल की है. आईपॉड और आईफोन कंपनी के दो सबसे बड़े हिट प्रोडक्ट रहे हैं, जबकि पिछले साल बाजार में आया आईपैड भी धीरे धीरे जगह बना रहा है.

जॉब्स भले ही सैलरी न लेते हों, लेकिन उनकी बीमारी के वक्त कंपनी की देख भाल करने वाले टिम कुक ने 2009 में आठ लाख डॉलर की बेस सैलरी ली और ऊपर से पांच लाख डॉलर का बोनस. उनके पास एप्पल के पचासों लाख शेयर भी हैं.

एक डॉलर का वेतन लेने वाले जॉब्स इकलौते कारोबारी नहीं हैं. अमेरिकी सरकार को वित्तीय मदद देने के लिए 1978 में क्राइसलर कार के चेयरमैन ली लकोका ने इसकी बुनियाद रखी और बाद में कई कारोबारियों ने ऐसा किया. दुनिया की सबसे बड़ी इंटरनेट कंपनी गूगल के संस्थापक सर्गेई ब्रिन और लैरी पेज भी वेतन के तौर पर एक डॉलर ही लेते हैं. इसके अलावा न्यू यॉर्क के मेयर माइकल ब्लूमबर्ग और कैलिफोर्निया के गवर्नर रहे हॉलीवुड स्टार अर्नाल्ड श्वाजनेगर भी वेतन के तौर पर एक डॉलर ही लिया करते थे. हालांकि इन सभी लोगों को भत्ता और दूसरे मद के मुआवजे के रूप में भारी रकम मिलती है. याहू के जेरी यंग और गूगल के सीईओ एरिक श्मिट भी हर साल एक डॉलर का वेतन ही लेते हैं.

श्मिट ने 2008 और 2009 में गूगल के सीईओ रहते हुए वेतन सिर्फ एक डॉलर लिया लेकिन 2008 में उन्हें बिल भुगतान के तौर पर 10 लाख डॉलर से ज्यादा मिले. वह किसी तरह का बोनस भी नहीं लिया करते. हालांकि उनके पास गूगल कंपनी के करोड़ों शेयर हैं, जो उन्हें दुनिया के सबसे अमीर लोगों की सूची में डालते हैं.

रिपोर्टः एजेंसियां/ए जमाल

संपादनः ओ सिंह

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