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दुनिया

एप्पल का भारत में इम्तिहान

पांच साल तक धुआंधार मुनाफा कमाने के बाद 2000 अरब डॉलर का स्मार्टफोन बाजार थोड़ा सुस्त पड़ा है और नये इलाके खोज रहा है. यह बाजार है एशिया, भारत और चीन.

अब तक एप्पल और सैमसंग के फोन बड़े देशों में बिकते रहे हैं, जहां लोग बेहतर सेवा के लिए एकमुश्त या किश्तों में बड़ी कीमत देने को राजी रहते हैं. लेकिन भारत जैसे देशों में अच्छी से अच्छी सर्विस सस्ते फोन से सस्ते सर्विस प्रोवाइडर से तलाशी जाती है.
इस साल विकासशील देशों में मोबाइल इंटरनेट यूजरों की संख्या विकसित देशों से ज्यादा हो जाएगी. अंतरराष्ट्रीय टेलीकम्युनिकेशन यूनियन (आईटीयू) के मुताबिक 2007 के बाद से यह 27 गुना बढ़ी है, जबकि विकसित देशों में इस दौरान यह सिर्फ चारगुनी बढ़ी है.


एशिया का स्मार्टफोन
सैमसंग और एप्पल मिलकर दुनिया के आधे स्मार्टफोन बेचते हैं. एप्पल के प्रमुख टिम कुक ने मंगलवार को ही दावा किया कि भारत में हर तिमाही में 400 फीसदी की सेल बढ़ रही है. लेकिन सवा अरब की आबादी वाले भारत में सब कुछ इतना आसान नहीं होता. मोबाइल विज्ञापन कंपनी फ्लरी ईएनसी का कहना है, "मोबाइल इकोसिस्टम का गुरुत्वाकर्षण अमेरिका और पश्चिमी यूरोप से हटकर एशिया की तरफ बढ़ रहा है."
और इसके लिए सस्ता माल बहुत हद तक जिम्मेदार होगा. सस्ते पुर्जे, सस्ती सर्विस, सस्ता फोन और सस्ती मरम्मत. चीन के बाजारों में तो हाईफोन नाम के स्मार्टफोन को हाथ में लेने तक समझ नहीं आएगा कि यह किस तरह का फोन है. देखने में यह बिलकुल एप्पल के आईफोन की तरह है और कीमत एक चौथाई से भी कम.
भारत यानी मुश्किल बाजार
लेकिन ज्यादा मुश्किल भारत में है, जो दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल बाजार है. हैदराबाद में बिटकेमी वेंचर्स के समीर सिंह का कहना है कि पिछले दिनों तो यहां एंड्रॉयड वाले स्मार्टफोन औने पौने दामों में बिकने लगे हैं. साल भर में 3,000 रुपये तक की कमी आ गई है हो सकता है कि आने वाले दिनों में दाम 1,000-1,200 रुपये और कम हो जाएं.


जैसे जैसे दाम कम होंगे, ज्यादा लोग स्मार्टफोन लेने लगेंगे. ई-मार्केटर का अनुमान है कि 2017 तक चीन और भारत में दुनिया भर के 28 फीसदी नए स्मार्टफोन सब्सक्राइबर होंगे. भारत में स्मार्टफोन रखने वालों की संख्या तीनगुना बढ़ जाएगी.
फोन बनाने वाली भारतीय कंपनी माइक्रोमैक्स ने कैनवस 4 नाम का फोर उतारा, जिसमें सैमसंग गैलेक्सी 3 जैसी खूबियां हैं लेकिन दाम उससे आधा. सिंह का कहना है, "सैमसंग जैसी कंपनियों के लिए इनसे मुकाबला करना बहुत मुश्किल है." वह कहते हैं कि सिर्फ स्मार्टफोन ही नहीं, टैबलेट की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है क्योंकि इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है.
इंटरनेट पर फोन करने की सुविधा देने वाली कंपनी वाइबर के मुखिया टैलमन मार्को स्मार्टफोन के बढ़ने की वजह बताते हैं, "एक शानदार साइकिल को 1970 वाली कार से बदलने जैसा मामला है, जो लीक भी करती है. लेकिन इस कार से अगर आप न्यूयॉर्क से शिकागो जाएंगे, तो दो तीन दिन में पहुंच जाएंगे. साइकिल से तो आप कभी नहीं पहुंचेंगे."
एजेए/ओएसजे (रॉयटर्स)

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