1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

दुनिया

एक साल की उपलब्धियां "ठीकठाक", पर संतुष्ट नहीं मनमोहन

भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपनी नई सरकार के एक साल की उपलब्धियों को "ठीकठाक" करार दिया है. साथ ही उन्होंने कहा है कि बढ़ती महंगाई, माओवादी हिंसा और पाकिस्तान से रिश्तों के मुद्दों पर ज्यादा किया जा सकता था.

default

एक साल साल का लेखा जोखा

2009 के आम चुनावों में जीत के बाद सत्ता संभालने वाली यूपीए सरकार के पिछले 12 महीनों के रिकॉर्ड पर नजर डालते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उपलब्धियां ठीकठाक ही रहीं. नई दिल्ली में भारतीय और विदेश मीडिया से बातचीत में मनमोहन ने कहा, "हमने जो हासिल किया है, हमें उससे

BdT Indien Inflation Nahrungsmittelpreise

मनमोहन ने माना, महंगाई एक बड़ी समस्या

संतुष्ट नहीं होना चाहिए."

मनमोहन सिंह ने भारतीय अर्थव्यवस्था को विश्व मंदी के प्रभावों से बचाए रखने को अपनी सरकारी की सबसे अहम उपलब्धि बताया. उन्होंने कहा, "हमें इस साल विकास दर 8.5 प्रतिशत रहने की उम्मीद है." उन्होंने यह भी विश्वास जताया कि भारतीय अर्थव्यवस्था आखिरकार 10 प्रतिशत की विकास दर भी हासिल कर ही लेगी, जो देश के करोड़ों लोगों को गरीबी से मुक्ति दिलाने के लिए अहम है.

बढ़ती महंगाई के मुद्दे पर मनमोहन ने कहा, "मैं मानता हूं कि मुद्रास्फीति एक समस्या है. लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेट्रोलियम पदार्थों का संकट, सूखा और बाढ़, ये सभी भारतीय अर्थव्यवस्था को प्रभावित करते हैं." उन्होंने हाल के दिनों में लगातार बढ़ रही माओवादी हिंसा का भी जिक्र किया.

भारतीय प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान के साथ "भरोसे की कमी" की समस्या से निपटने का संकल्प किया क्योंकि इसी के चलते 2008 के मुंबई हमलों के बाद रुकी समग्र बातचीत बहाल नहीं हो पा रही है. भूटान की राजधानी थिंपू में पाकिस्तान प्रधानमंत्री प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी से हुई हालिया मुलाकात का जिक्र करते हुए मनमोहन सिंह ने कहा, "पाकिस्तान हमारा पड़ोसी है. मैं मानता हूं कि भारत तब तक विकास की अपनी तमाम संभावनाओं का पूरी तरह उपयोग नहीं कर सकता, जब तक पाकिस्तान से उसके अच्छे रिश्ते नहीं होंगे." दो हफ्ते पहले ही भारत ने दोनों देशों के बीच विदेश मंत्री स्तरीय बातचीत का ऐलान किया है. भारतीय विदेश मंत्री

Der indische Premierminister Manmohan Singh

पाकिस्तान के साथ भरोसे की कमी बड़ी समस्याः मनमोहन

एसएम कृष्णा 15 जुलाई को इस्लामाबाद जा रहे हैं जहां वे पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी से मुलाकात करेंगे.

इस प्रेस कांफ्रेंस में मनमोहन ने अपने रिटायरमेंट की बातों को भी खारिज किया. उन्होंने कहा, "हमने देश को एक ऐसी सरकार दी है जो काम कर रही है, जिसने देशों को उच्च विकास दर दी है, जिसने विकास दर में सबकी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए तेजी से कदम उठाए हैं. इसलिए मुझे पूरा विश्वास है कि हम अपना कार्यकाल पूरा करेंगे."

मनमोहन सिंह ने संसद और विधानसभा में महिलाओं को एक तिहाई आरक्षण दिलाने की दिशा में हुई प्रगति को अपनी सरकार की अहम उपलब्धि बताया. नई सरकार के एक साल के कामकाज के बारे में उन्होंने यह भी कहा, "मैं पहला व्यक्ति हूं जो मानता है कि हम और ज्यादा कर सकते थे."

रिपोर्टः एजेंसियां ए कुमार

संपादनः उज्ज्वल भट्टाचार्य

संबंधित सामग्री