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जर्मन चुनाव

एक बाबू की वजह से आगरा बैठक नाकामः मुशर्रफ

आगरा में भारत पाकिस्तान शिखर वार्ता नाकाम हो जाने के नौ साल बाद पूर्व पाकिस्तान राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने इसके लिए भारत के एक अधिकारी को जिम्मेदार बताया है. हाल में भारत ने मुशर्रफ को वीजा देने से इनकार किया.

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भारत ने नहीं दिया वीजा

मुशर्रफ कहते हैं कि शिखर बैठक के दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के साथ चीजें सही दिशा में जा रही थीं, तभी भारतीय विदेश विभाग में पाकिस्तानी प्रभाग के तत्कालीन प्रभारी सचिव विवेक काटजू ने हस्तक्षेप किया. काटजू इस वक्त मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) हैं. दुबई में एक टीवी चैनल के साथ बातचीत में मुशर्रफ ने कहा, "वहां कोई विदेश मंत्रालय से काटजू नाम का व्यक्ति बैठा था. वह अब भी वहीं हो सकता है. उसने बहुत रुकावटें डालीं."

2008 में राष्ट्रपति पद से हटने के बाद मुशर्रफ इन दिनों ब्रिटेन में स्वनिर्वासन की जिंदगी बिता रहे हैं. मुशर्रफ कहते हैं, "मैंने आगरा छोड़ने से पहले वाजपेयी साहब को बताया कि मेरी और आपकी बहुत बेइज्जती हुई है क्योंकि कोई हैं जो हमसे भी ऊपर है. जो भी हमने तय किया उसने उस पर पानी फेर दिया." 2002 में काटजू को अफगानिस्तान के लिए भारत दूत नियुक्त किया गया. वह भी उन अधिकारियों में भी शामिल थे जिन्होंने कंधार में एयर इंडिया के अगवा विमान के बंधंकों को छुड़ाने के लिए बातचीत की.

मुशर्रफ के बयान पर विदेश मंत्रालय की तरफ से अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. पिछले दिनों भारत सरकार ने मुशर्रफ को वीजा देने से इनकार कर दिया है. वह एक कार्यक्रम के सिलसिले में नई दिल्ली और तीन अन्य शहरों का दौरा करना चाहते थे. मुशर्रफ ने अपने हालिया बयानों में कहा कि भारत पाकिस्तानी प्रांत बलूचिस्तान में गड़बड़ी फैलाता है. पूर्व पाकिस्तानी शासक के भारत दौरे को लेकर गृह मंत्रालय की आपत्तियों के बाद वीजा न देने का फैसला किया गया.

रिपोर्टः एजेंसियां/ए कुमार

संपादनः वी कुमार

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