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दुनिया

एक बच्चे से कमजोर होता चीन

चीन ने बढ़ती आबादी को थामने के लिए एक बच्चे की नीति लागू की थी. देश में आबादी की रफ्तार उसकी आर्थिक तरक्की से ज्यादा तेज थी. अब वैज्ञानिक कह रहे हैं कि चीन की इस नीति ने कमजोर पीढ़ी तैयार की है.

चीन की विवादित "एक बच्चा" नीति देश में ऐसी पीढ़ी को जन्म दे रही है जिनमें उद्यमशीलता और जोखिम की इच्छा की कमी है. साइंस जर्नल में छपी रिसर्च ने इस बात का दावा किया है. रिसर्च में शामिल लीजा कैमरन का कहना है, "हमारे आंकड़े बताते हैं कि एक बच्चा नीति के तहत पैदा लोगों को कारोबार करने जैसे जोखिम भरे पेशे में उतरने में हिचकिचाहट होती है."

ऑस्ट्रेलियाई वैज्ञानिक लीजा कैमरन का कहना है कि ऐसा मुमकिन है कि देश में उद्यमशीलता की क्षमता में आई कमी की यही वजह हो.

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बुढ़ापे की समस्या से जूझता चीन

रिसर्च में एक बच्चा नीति शुरू होने के ठीक पहले और बाद में पैदा हुए वयस्कों की तुलना की गई. चीन सरकार ने यह नीति 1979 में शुरू की थी. रिसर्च का लक्ष्य लोगों में भरोसा और जोखिम लेने की क्षमता का पता लगाना था. रिसर्च के लिए 400 गेम्स तैयार किए गए जो पूरी तरह से आर्थिक गतिविधियों से जुड़े थे. रिसर्चरों ने देखा कि जो लोग चीन में एक बच्चा नीति लागू होने के बाद पैदा हुए, उनमें बड़े होने के बाद भरोसे की भारी कमी थी. वो लोग दूसरों के लिए भी कम भरोसेमंद थे, उनमें जोखिम से बचने, मुकाबले से डर, निराशा और कर्तव्यनिष्ठा में कमी की प्रवृत्ति नजर आई.

कैमरन का कहना है कि रिसर्चरों ने पता लगाया कि अकेला बच्चा होने के नकारात्मक नतीजे काफी ज्यादा हैं और यह तब भी नजर आया जब इन बच्चों को बढ़ते समय काफी बड़ा सामाजिक दायरा और पास पड़ोस के बच्चों से पर्याप्त संपर्क मिला. कैमरन के मुताबिक, "हमने पता लगाया कि बचपन में दूसरे बच्चों जैसे कि रिश्तेदार या फिर पालनाघर के दूसरे बच्चों का साथ सगे भाई बहन की कमी पूरी

Solaranlagen in Kunming China

बिना नौजवानों के आगे कैसे बढ़ेगी अर्थव्यवस्था

नहीं कर सकता."

रिसर्चरों का कहना है कि इन नतीजों की दूसरे कारकों से व्याख्या नहीं की जा सकती जैसे कि भाग लेने वाले लोगों की उम्र या फिर क्या वो कुछ समय के बाद ज्यादा पूंजीवादी बन सकते हैं. रिसर्च में कैमरन के साथ उनकी सहयोगी लता गंगाधरन भी थीं. ये दोनों मोनाश यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं उके साथ ऑस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी के जिन मेंग और मेलबर्न यूनिवर्सिटी के निसवान एरकाल ने भी रिसर्च में हिस्सा लिया.

रिपोर्ट ऐसे समय में सामने आई है जब चीन की सरकार एक बच्चा नीति में छूट देने के बारे में सोच रही है. यह नीति चीन में आबादी की तेज रफ्तार पर लगाम कसने के लिए शुरू की गई थी. 2011 की आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक इस नीति की वजह से चीन में 40 करोड़ बच्चों की पैदाइश रोक दी गई.

एनआर/एजेए (एएफपी)

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