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मनोरंजन

एक चॉकलेट फैक्ट्री के लिए सड़कों पर उतरे लोग

न्यूजीलैंड के ज्यादातर लोगों को पाइनेप्पल लंप और इस फैक्ट्री में बनने वाले किवी ब्रांड के ज्यादातर प्रोडक्ट इतने ज्यादा पसंद है कि वाकई वो इसके लिए कुछ भी कर सकते हैं.

हाल ही में चॉकलेट बनाने वाली कंपनी कैडबरी ने न्यूजीलैंड के डुनेडिन शहर में स्थित अपनी फैक्ट्री बंद करने का ऐलान किया. इस घोषणा के बाद फैक्ट्री को बंद न किये जाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है, जिसने अब तक 22 करोड़ रुपये भी इकट्ठे कर लिये हैं.

हो सकता है कि इसे पढ़कर आपको हैरानी हो कि कैडबरी की एक फैक्ट्री बंद होने को लेकर इतना बड़ा कैंपेन क्यों चलाया जा रहा है. लेकिन अगर आप न्यूजीलैंड की बात करेंगे तो पाएंगे कि यहां के लोगों को पाइनेप्पल लंप और इस फैक्ट्री में बनने वाले किवी ब्रांड के ज्यादातर प्रोडक्ट इतने पसंद है कि वो इसके लिए इतना कुछ कर रहे हैं.

ये फैक्ट्री न्यूजीलैंडवासियों की पसंदीदा पाइनेप्पल लंप के साथ साथ जफस, बज बार्स और पिंकी बार्स जैसे चॉकलेट बनाती है जो यहां बेहद लोकप्रिय है.

कैडबरी ब्रांड की कंपनी मोंडेलेज ने पिछले साल इस फैक्ट्री के बंद किये जाने की घोषणा की थी, जिसके बाद यहां के लोगों ने इसे बचाने के लिये रैलियां निकालीं, याचिकायें लगायीं और कुछ लोगों ने तो विरोध में कैडबरी के सामान का बहिष्कार करने की बात भी की.

इस फैक्ट्री को न्यूजीलैंड से हटाकर ऑस्ट्रेलिया ले जाया जा रहा है. इस फैक्ट्री को यहां से हटाने का मतलब है करीब 150 साल पुरानी फैक्ट्री का बंद होना और कम से कम 350 लोगों की नौकरियों को जाना. 

हालांकि इन सारे अभियानों के बावजूद कंपनी इस फैक्ट्री को बंद करने के नतीजे पर अटल है क्योंकि उनके मुताबिक इस फैक्ट्री को चलाना अब बहुत खर्चीला साबित हो रहा है.

हालांकि फैक्ट्री बंद होने के आखिरी दिनों में कंपनी ने डुनेडिन के लोगों को एक सौगात दी है और वह कुछ चॉकलेट्स सिर्फ शहर के लोगों के लिये बनायेगी.

एसएस/आरपी (डीपीए)

 

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