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ताना बाना

"एक कदम तुम बढ़ो, एक कदम हम बढ़ें"

भारत ने बुधवार को पाकिस्तान की इन आशंकाओं को खारिज किया कि वह दोनों देशों के बीच सभी विवादित मुद्दों पर बातचीत नहीं करना चाहता. भारत ने कहा है कि वह बातचीत के लिए तैयार है बशर्ते टूटे भरोसे को बनाने के लिए हाथ बढ़े.

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दिल्ली में पाकिस्तान से आए कुछ पत्रकारों के साथ बातचीत में विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने कहा कि दोनों देशों के लिए फिलहाल शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के विकास पर ध्यान दिया जाना सबसे ज्यादा जरूरी है. विकास के लिए काम करने की खातिर आपसी टकराव वाले कुछ मुद्दों को फिलहलाल ठंढे बस्ते में डाल देना चाहिए.

विदेश मंत्री ने कहा,"पाकिस्तान के मन में यह आशंका हो सकती है कि भारत सभी विवादित मुद्दों पर बात नहीं करना चाहता लेकिन मैं बताना चाहता हूं कि भारत उन सभी मुद्दों पर बात करना चाहता है जिनकी वजह से हमारे रिश्तों में मुश्किलें और तनाव है." विदेश मंत्री उन खबरों पर प्रतिक्रिया दे रहे थे जिनमें कहा गया है कि पाकिस्तानी विदेश मंत्री की भारत यात्रा के दौरान भी सारे मुद्दों पर बातचीत नहीं होगी. यह दौरा अगले तीन महीने के भीतर ही होना है.

एक एक कदम बढ़ें

विदेश मंत्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच जो विवाद हैं वे 60 साल से चले आ रहे हैं और इन्हें प्रधानमंत्री या विदेश मंत्री की एक या दो मुलाकातों में नहीं सुलझाया जा सकता. एसएम कृष्णा ने कहा, "विदेश मंत्री कुरैशी से मुलाकात में मैंने यही बात कही थी कि हम एक एक कदम आगे बढ़ाते हैं और सकारात्मक रूप से आगे बढ़ते हुए विवादों को सुलझाने की कोशिश करते हैं."

विदेश मंत्री ने कहा कि भारत पाकिस्तान के साथ दोस्ताना रिश्ते रखना चाहता है और ऐसे रिश्ते बनाए रखने के लिए दोनों देशों को एक दूसरे का विरोध करने की सोच खत्म करनी होगी. उन्होंने पिछले साल की अपनी पाकिस्तान यात्रा का जिक्र करते हुए कहा, "मी़डिया में अलग तरह से खबरें आईं लेकिन मैं अपनी यात्रा से पूरी तरह संतुष्ट रहा."

मुंबई हमले का जिक्र

मुंबई हमले का जिक्र करते हुए कृष्णा ने कहा कि आतंकवाद ने 2004 में शुरू हुई आपसी बातचीत की प्रक्रिया पर बुरा असर डाला और मुंबई हमले ने एक बार फिर स्थितियों को वहीं पहुंचा दिया. कृष्णा ने यह भी कहा, "हम एक लोकतांत्रिक देश हैं और देश के लोगों के गुस्से से बेअसर नहीं रह सकते. हमें यह भरोसा दिया गया था कि पाकिस्तानी जमीन का इस्तेमाल भारत के खिलाफ काम करने वाली ताकतों के लिए नहीं होगा." कृष्णा ने कहा कि हमले के बाद शुरू के कुछ दिनों तक हमलावरों की पहचान नहीं हो सकी थी लेकिन बाद में जब पता चला कि वे सारे पाकिस्तान नागरिक थे तो भारत को सदमा पहुंचा.

रिपोर्टः एजेंसियां/एन रंजन

संपादनः वी कुमार

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